पंचायतों में सामाजिक अंकेक्षण का कार्य करने वाले एनिमेटरों ने वर्ष भर काम दिलवाकर मानदेय बढ़ाने की सरकार से लगाई गुहार

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केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजना के तहत ग्राम पंचायतों में संचालित मनरेगा योजना से होने वाले कार्यों के मौखिक, भौतिक एवं दस्तावेजों के सत्यापन कार्य (आडिट) करने के लिए जिला पंचायत बालाघाट के द्वारा एनिमेटर (सामाजिक अंकेक्षण) नियुक्त किये गये है। जिनके द्वारा पंचायतों में पहुंचकर मनरेगा योजना से होने वाले कार्यों, मौखिक, भौतिक एवं दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है। जिसका मानदेय उन्हे मिलता है परन्तु बहुत कम मिलता है एवं पूरे वर्षभर काम एवं शासन की अन्य योजनाओं का लाभ नही मिलने से वे खासा परेशान है जिन्होने शासन-प्रशासन से सामाजिक अंकेक्षण का काम करने वाले एनिमेटरों को नियमित कर मानदेय बढ़ाने एवं बीमा योजना का लाभ दिलवाने की मांग की है। साथ ही गत दिवस अपनी जायज मांगों का ज्ञापन क्षेत्रीय विधायक एवं जिला प्रशासन को भी सौंप चुके है। २४ जनवरी को म.प्र. सामाजिक अंकेक्षण कर्मचारी संघ के द्वारा जनपद पंचायत कार्यालय के सामने श्रध्दांजली कार्यक्रम आयोजित कर गत दिवस मंदसौर के एनिमेटर आयुषी कुवर, रीवा के रामदयाल कोल का सडक़ दुर्घटना में निधन हो गया था। जिन्हे दो मिनट का मौन धारण कर श्रध्दांजली अर्पित की गई और शासन-प्रशासन से मृतक व्यक्ति के परिजनों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलवाने की मांग की है। म.प्र. सामाजिक अंकेक्षण कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के द्वारा पंचायतों में हमारे द्वारा सामाजिक अंकेक्षण (आडिट) करने का कार्य किया जाता है परन्तु वर्ष भर काम नही मिलता है एवं मानदेय भी बहुत कम मिलता है जिससे परिवार का पालन-पोषण करने में परेशानी होती है। जबकि पूर्व में कहा गया था कि वर्षभर काम देने के साथ ही नियमित किया जायेगा परन्तु अब तक नही किया गया है। साथ ही सामाजिक सुरक्षा अंतर्गत मेडिकल, बीमा, पेंशन की योजना नही है जबकि हमारे द्वारा केन्द्र सरकार की योजनाओं का पंचायतों में मनरेगा योजना से होने वाले कार्यों का मौखिक, भौतिक एवं दस्तावेज सत्यापन का कार्य किया गया है। इस दौरान अगर हम लोग आने-जाने के दौरान दुर्घटना के शिकार हो जाते है तो हमें परिजनों को कुछ नही मिलेगा। आगे बताया कि गत दिवस मंदसौर में आयुषी एवं रीवा में रामदयाल कोल सामाजिक अंकेक्षण का कार्य कर वापस आ रहे थे तभी सडक़ दुर्घटनों होने से दोनों की मौत हो चुकी है परन्तु शासन से बीमा नही होने के कारण उन्हे लाभ नही मिलेगा ऐसी स्थिति में उनके परिवार के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो जायेगी। इसलिए हमारे द्वारा लंबे समय से सरकार से की जा रही है कि ग्राम सामाजिक अंकक्षेणकर्ताओं को नियमित शासकीय कर्मचारी मान्य कर न्यूनयम वेतन १८ हजार रूपये मानदेय, यात्रा भत्ता, राज्य सरकार सहित भारत सरकार के द्वारा संचालित सभी योजनाओं को सामाकि अंकेक्षण में समाहित किया जाने, सामाजिक सुरक्षा अंतर्गत मेडिकल, बीमा, पेंशन देने सहित मासिक वेतन दिये जाने की मांग की जा रही है परन्तु सरकार उसे पूरा नही कर रही है जिससे हम लोग खासा परेशान है। गत दिवस क्षेत्रीय विधायक को भी अपनी जायज मांगों का ज्ञापन सौंपा गया है, जल्द मांगे पूरी नही होगी तो कठोर कदम उठाने बाध्य होगेें।

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