पढ़ाई करने के लिए विद्यार्थी नहीं पहुंच रहे स्कूल

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बालाघाट( पदमेश न्यूज़)। मानव संसाधन मंत्रालय ने कक्षा 9वी से 12वीं तक के छात्रों को शिक्षकों से मागर्दशन लेने के लिए स्कूल आने पर सहमति दे दी है, लेकिन शहर में कोरोना मरीजों की संख्या में इजाफा होने के कारण अभी कई स्कूल असमंजस में हैं। वे तय नहीं कर पा रहे हैं कि छात्रों को इस स्थिति में बुलाएं या नहीं। हालांकि कुछ एक स्कूलों ने छात्रों के स्वजन से स्कूल भेजने को लेकर सहमति लेना शुरू कर दी है।और बच्चों के लिए अपने स्कूल खोल दिए हैं लेकिन स्कूलों में बच्चों की दर्ज संख्या काफी कम देखी जा रही है किसी स्कूल में 5 किसी स्कूल में 6 तो किसी स्कूल में महज 10 से 12 बच्चे ही शिक्षकों से मार्गदर्शन लेने पहुंच रहे हैं जिसकी प्रमुख वजह कोरोना का खौफ बताया जा रहा है इसी कारण जहां एक ओर बच्चे स्कूल नहीं पहुंच रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर कई ऐसे पालक है जो अपने बच्चों को स्कूल जाने की सहमति नहीं दे रहे हैं।
पालक की सहमति जरूरी-एके उपाध्याय
इस पूरे मामले के संदर्भ में की गई चर्चा के दौरान एमएलबी हाई स्कूल के प्राचार्य एके उपाध्याय ने बताया कि 21 सितंबर से कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के बच्चों के लिए स्कूल खोल दिए गए हैं जहां सभी बच्चों को अल्टरनेट बुलाया जा रहा है और शिक्षक भी उन्हें पढ़ाने आ रहे हैं पर रोजाना बच्चों की कम दर्ज संख्या देखी जा रही है जिसमें 21 तारीख को महज 2 बच्चे कक्षा बारहवीं के आए थे वही 1 दिन कक्षा 10वीं और 12वीं के बच्चों को मिलाकर महज 10 बच्चे शिक्षकों के मार्गदर्शन लेने आए थे बच्चों की संख्या काफी कम देखी जा रही है स्कूल में केवल उन्हीं बच्चों को प्रवेश दिया जा रहा है जिनके पालक सहमति दे रहे हैं ।
301 दर्ज बच्चों में महज
37 बच्चे आए हैं-डीके गौतम
वहीं इस पूरे मामले के संदर्भ में की गई चर्चा के दौरान उत्कृष्ट विद्यालय के वरिष्ठ व्याख्याता डीके गौतम ने बताया कि कक्षा 12वीं में बच्चों के दर्ज संख्या 308 है जिसमें से शुक्रवार को 190 बच्चों को बुलाया गया था जिसमें से महज 6 बच्चे ही कक्षा में आए जबकि शनिवार को 111 बच्चों को बुलाया गया था जिसमें महज 37 बच्चे आए हैं कुछ बच्चों को उनके माता-पिता स्कूल जाने की सहमति नहीं दे रहे हैं तो वहीं कुछ बच्चे परिवहन की व्यवस्था ना होने के कारण स्कूल नहीं आ रहे हैं।

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