पद्मश्री लेने से पहले 125 साल के योग गुरु ने दंडवत होकर जताया आभार !

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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित पुरस्कार समारोह में देश की कई बड़ी हस्तियों को उनके योगदान के लिए पद्म पुरस्कार से नवाजा। पुरस्कार पाने वालों में दो को पद्म विभूषण, आठ को पद्म भूषण और 54 को वर्ष 2022 के लिए पद्म श्री पुरस्कार दिया गया। इस दौरान पद्म श्री पुरस्कार लेने पहुंचे काशी के 125 वर्षीय योग गुरू स्वामी शिवानंद ने अपनी विनम्रता से सबका दिल जीत लिया।जैसे ही उनका नाम पुकारा गया, तो तालियों की गड़गड़ाहट के बीच वयोवृद्ध स्वामी शिवानंद उठे और चलते हुए पहली पंक्ति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास जाकर उन्हें दंडवत प्रणाम किया। उनके इस व्यवहार से पीएम मोदी भी अचंभित रह गये और योगगुरु के सम्मान में धरती को छू कर उन्हें प्रणाम किया।

इसका बाद स्वामी शिवानिंद राष्ट्रपति के मंच की तरफ बढ़े और सम्मान ग्रहण करने से पहले राष्ट्रपति के सामने पहुंच कर भी इसी मुद्रा में प्रणाम किया। इस उम्र में उनके इस भाव को देख कर राष्ट्रपति भी कुर्सी से उठकर आगे आये और उन्हें अपने हाथों से पकड़कर उठाया। इसके बाद पूरे सम्मान के साथ उन्हें भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार दिया।

योग गुरु की ये विनम्रता और सरल स्वभाव सोशल मीजिया पर भी ट्रेंड करने लगा। बिजनेसमैन आनंद महिंद्रा ने इस पर ट्वीट करते हुए लिखा, “योग की शक्ति। 125 साल के समर्पण का जीवन! स्वामी शिवानंद की कृपा और गरिमा विनम्र और प्रेरक दोनों है। योग के मूल देश से होने पर गर्व है।”

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