परसवाड़ा क्षेत्र के जंगल में वृद्ध का शव मिलने से सनसनी, हत्या की आशंका

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बालाघाट जिले के थाना परसवाड़ा अंतर्गत ग्राम कुमनगांव से अरंडिया रोड के बीच जंगल क्षेत्र में एक वृद्ध व्यक्ति का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। शव जंगल के पगडंडी मार्ग पर देखा गया, जिसकी सूचना मिलते ही परसवाड़ा पुलिस मौके पर पहुंची। खबर फैलते ही आसपास के ग्रामीण भी घटनास्थल पर एकत्र हो गए। डोंगरिया निवासी अशोक गिरी ने मृतक की पहचान अपने ससुर कैलाश गिरी पिता भेद गिरी 60 वर्ष नंगा टोला ग्राम नेवरगांव थाना वारासिवनी निवासी के रूप में की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कैलाश गिरी मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। मृतक के परिवार में दो पुत्र और चार बेटिया हैं। सभी का विवाह हो चुका है। मृतक की एक बेटी रीता गिरी की शादी ग्राम डोंगरिया, परसवाड़ा में हुई है।
बताया गया है कि कैलाश गिरी झाड़-फूंक का कार्य भी करता था। 28 जनवरी को कैलाश गिरी अपनी बेटी रीता गिरी के घर ग्राम डोंगरिया मेहमानी में आया था । जहा वह दो दिन रुका था। इसके बाद 28 जनवरी की शाम लगभग 6 बजे वह अपनी पुत्री के घर से अपने गांव नंगाटोला, नेवरगांव (वारासिवनी) जाने के लिए निकला था। डोंगरिया से ग्राम कुमनगांव–अरंडिया के जंगल की पगडंडी होते हुए मुख्य मार्ग पर पहुंचा जाता है।लेकिन इसके बाद भी कैलाश गिरी अपने घर नहीं पहुंच सका।3 फरवरी की शाम कुमनगांव और अरंडिया गांव के बीच जंगल मार्ग में एक व्यक्ति का शव देखा गया। सबसे पहले इस शव को वन विभाग के एक वॉचर ने देखा था। शव काफी सड़-गल चुका था। सूचना मिलने पर 4 फरवरी को एसडीओपी अरविंद शाह, उप निरीक्षक, उप निरीक्षक घुड़नलाल अहिरवार सहित अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। इसके साथ ही जिला मुख्यालय से एफएसएल अधिकारी गौतमा मेश्राम, उप निरीक्षक मनोज तरवरे एवं फोटोग्राफर लोकेश चौकसे ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर बारीकी से जांच-पड़ताल की। खबर फैलते ही आसपास के गांव के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच चुके थे। जिनमे ग्राम डोंगरिया निवासी अशोक गिरी ने मृतक की पहचान अपने ससुर कैलाश गिरी के नाम से की मृतक कैलाश गिरी की पहचान होते ही उसके परिजन भी घटनास्थल पर पहुंच गए। पुलिस द्वारा शव पंचनामा की कार्रवाई पूर्ण की गई। और शव पोस्टमार्टम करवा कर उसके परिजनों को सौंप दिया गया है। शव की स्थिति को देखते हुए हत्या की आशंका व्यक्त की जा रही है, हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।बताया गया है कि शाम के समय परसवाड़ा से लामता या वारासिवनी की ओर जाने के लिए कोई नियमित साधन उपलब्ध नहीं रहता। इसके बावजूद कैलाश गिरी का शाम 6 बजे अकेले जंगल मार्ग से निकलना कई सवाल खड़े करता है। अब यह जांच का विषय है कि वह किन परिस्थितियों में जंगल मार्ग से गया और उसकी मौत कैसे हुई।फिलहाल परसवाड़ा पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच में लिया है और मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू से जांच, पूछताछ एवं साक्ष्य संकलन की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं जांच के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा।

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