जीएसटी अधिकारी अब ऐसे मामलों में आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर सकते हैं जहां चोरी की राशि पांच करोड़ रुपए से अधिक है। वित्त मंत्रालय ने यह जानकारी दी। हालांकि यह मौद्रिक सीमा आदतन चोरों के मामले में या उन मामलों में लागू नहीं होगी जहां जांच के समय गिरफ्तारी की जा चुकी है। वित्त मंत्रालय के तहत आने वाली जीएसटी जांच इकाई ने कानूनी कार्रवाई संबंधी दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा कि अभियोजन शुरू करने का निर्णय लेने में जिन अहम बातों पर विचार किया जाएगा उनमें से एक है पर्याप्त सबूत की उपलब्धता। इसमें कहा गया कि कानूनी कार्रवाई सामान्य तौर पर उन मामलों में शुरू की जा सकती है जहां कर चोरी की राशि, आईटीसी का दुरुपयोग या धोखाधड़ी से लिए गए रिफंड की राशि पांच करोड़ रुपए से अधिक है।










































