पाक में बैठे आतंकी लखबीर सिंह राेडे ने पंजाब में तैयार किए 70 स्लीपर सेल

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बीते दिनों अमृतसर के सीमावर्ती गांव से हथियार और विस्फोटक पदार्थ के बाद जालंधर से पूर्व जत्थेदार के बेटे गुरमुख सिंह राेडे से मिले ग्रेनेड और टिफिन बम पाकिस्तान में बैठे आतंकी लखबीर सिंह राेडे ने भिजवाए थे। अमृतसर में विस्फोटक और हथियारों की खेप मिलने के बाद खुलासा हुआ था कि यह विस्फोटक पाकिस्तान से आतंकी लखबीर सिंह राेडे और नांदेड़ से संबंधित गैंगस्टर हरविंदर सिंह रिंदा संधू ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की मदद से भेजी है। खुफिया एजेंसियों ने यह खुलासे किए हैं।

सूत्रों के अनुसार लखबीर राेड, रिंदा संधू काे ISI फंडिंग कर रही है। इन्होंने पंजाब में आतंकी वारदातों काे अंजाम देने के लिए 70 स्लीपर सेल तैयार किए हैं। एक स्लीपर सेल में 2-3 लाेग शामिल हैं। कुछ स्लीपर सेल ऐसे हैं, जाे फिलहाल सक्रिय नहीं हैं। उन्हें किसी बड़ी आतंकी वारदात की जिम्मेदारी साैंपी जानी हैं। कुछ स्लीपर सेल ऐसे हैं, जिन्हें दीवारों पर खालिस्तानी नारे लिखने और उससे जुड़े पाेस्टर चिपकाने का काम साैंपा गया है। दीवारों पर नारे लिखने और पाेस्टर चिपकाने वाले स्लीपर सेल के मेंबरों काे 5 से 20 हजार रुपए तक दिए जाते हैं। पैसों का लेन-देन पंजाब में ही हाथों हाथ हाेता है। बैंक ट्रांजेक्शन नहीं हाेती।

स्लीपर सेल के मेंबर एक-दूसरे काे जानते तक नहीं
सूत्राें के अनुसार, एक और खुलासा हुआ है कि पंजाब में 70 स्लीपर सेल में 150 से अधिक मेंबर हैं। स्लीपर सेल के 2-3 मेंबर ही एक दूसरे काे जानते हैं। स्लीपर सेल के बाकी मेंबर एक-दूसरे काे जानते तक नहीं। न ही किसी के पास स्लीपर सेल के मेंबर का नंबर है। जब हथियारों की खेप आती है ताे इसकी जानकारी 1 या 2 स्लीपर सेल के मेंबरों काे ही हाेती है, जबकि अन्य मेंबर इसके बारे में अंजान रहते हैं। एजेंसियों का कहना है कि खतरा टला नहीं है। हथियारों -विस्फोटक की खेप का कुछ हिस्सा अभी भी बाहर है, जिसका इस्तेमाल त्योहारों के दिनों में आतंकी वारदातों के लिए किया जाना है।

विस्फोटक और हथियारों की खेप मिलने के बाद खुलासा हुआ था कि इसे पाकिस्तान से आतंकी लखबीर सिंह रोडे और नांदेड़ से संबंधित गैंगस्टर हरविंदर सिंह रिंदा संधू ने ISI की मदद से भेजी है।

विस्फोटक और हथियारों की खेप मिलने के बाद खुलासा हुआ था कि इसे पाकिस्तान से आतंकी लखबीर सिंह रोडे और नांदेड़ से संबंधित गैंगस्टर हरविंदर सिंह रिंदा संधू ने ISI की मदद से भेजी है।

युवओं को सोशल मीडिया के जरिए अपने जाल में फंसा रहीं देश विरोधी ताकतें
विदेशों में बैठे आतंकी और देश विरोधी ताकते 18 से 32 बरस के बेरोजगार युवाओं पैसों का लालच देकर आतंकी वारदातों को अंजाम देने के लिए उकसा रही हैं। सितंबर 2019 में तरनतारन जगह के गांव पंडोरी गोला में एक बोतल बम निकालने गए युवकों की धमाके के साथ मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में दर्जन से अधिक लोगों पर केस दर्ज किया।

खुफिया एजेंसियों के मुताबिक इन नौजवानों को छोटे-छोटे धार्मिक ढेरों पर हमला करने के लिए तैयार किया जा रहा है वहीं दूसरी ओर कुछ नौजवान गन कल्चर के चलते सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें अपलोड कर रहे हैं।

बॉर्डर से लगते गांवों में युवा जल्दी झांसे में आते हैं
2019 में स्टेट स्पेशल आपरेशन सेल ने पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए आई हथियारों की खेप बरामद की थी और इसमें 22 आरोपियों को नामजद किया गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीमावर्ती गांव में रहने वाले नौजवान जल्दी झांसे में आ जाते हैं।

बेरोजगारी की वजह से देश-विरोधी ताकतों के झांसे में आते हैं युवा: डॉ. हरजोत सिंह मक्कड़
न्यूरो साइकेट्रिस्ट डॉ. हरजोत सिंह मक्कड़ का कहना है कि बेरोजगारी से लोगों के बीच सोशल अनरेस्ट पैदा हो रही है और वह चंद पैसों के लिए किसी भी वारदात को अंजाम देने के लिए तैयार हो जाते हैं। उनका कहना है कि नौकरी न मिलने की स्थिति में नौजवान देश विरोधी ताकतों के इशारों पर काम करने को मजबूर होते हैं। सरकार को चाहिए कि वह नौजवानों को नौकरी दे।

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