यूकेन में जारी जंग के बीच अमेरिका और रूस के शीर्ष खुफिया अधिकारियों के बीच तुर्की की राजधानी अंकारा में मुलाकात हुई। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव के हवाले से यह जानकारी दी है। उधर व्हाइट हाउस के भी एक प्रवक्ता ने कहा कि सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) के निदेशक विलियम बर्न्स रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के शीर्ष जासूस को परमाणु हथियारों के किसी भी तरह उपयोग के नतीजों को लेकर चेताएंगे और रूसी जेलों में बंद अमेरिकी कैदियों के मुद्दे को उठाएंगे।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सीआईए प्रमुख बर्न्स खास तौर से रूस की विदेशी खुफिया सेवा एसवीआर के प्रमुख सर्गेई नारिश्किन से मिलने के लिए अंकारा आए थे। यूक्रेन पर 24 फरवरी को शुरू हुए रूसी हमले के बाद अमेरिकी और रूसी अधिकारियों की यह पहली ज्ञात उच्च-स्तरीय बैठक थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मुलाकात को लेकर व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि वह किसी भी तरह के समझौते की बातचीत नहीं कर रहे हैं। वह यूक्रेन में युद्ध के समाधान पर चर्चा नहीं कर रहे हैं। वह रूस द्वारा परमाणु हथियारों के उपयोग के परिणामों और सामरिक स्थिरता के जोखिम के बारे में एक संदेश दे रहे हैं।
प्रवक्ता ने कहा हमने यूक्रेन को उनकी यात्रा के बारे में पहले ही बता दिया था। हम दृढ़ता से अपने मौलिक सिद्धांत पर कायम हैं: यूक्रेन के बिना यूक्रेन के बारे में कुछ भी नहीं। उधर व्हाइट हाउस ने इसके साथ ही बताया अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और उनके चीनी समकक्ष शी जिनपिंग ने यूक्रेन पर रूसी परमाणु खतरों की निंदा की। दोनों नेताओं ने इसके साथ ही सहमति जताई कि परमाणु युद्ध कभी नहीं लड़ा जाना चाहिए।










































