पॉवरप्ले का लाभ नहीं उठा पायी टीम इंडिया , टीम चयन पर भी सवाल उठे

0

भारतीय टीम के टी20 विश्व कप से बाहर होने का एक बड़ा कारण पॉवरप्ले में विफल रहना भी रहा है। यद देखने में आया कि भारतीय टीम पूरे टूर्नामेंट के एक भी मैच में पॉवरप्ले में रन नहीं बटोर पायी। शुरुआती मैच में जहां भारतीय टीम इसकी भरपायी बीच के ओवरों में कुछ खिलाड़ियों के बेहतरीन प्रदर्शन से करने में सफल रही पर सेमीफाइनल में इंग्लैंड के गेंदबाजों के सामने उसकी एक नहीं चली।
यदि वर्ल्ड कप के सभी मुकाबलों पर नजर डाली जाए तो टीम इंडिया के लिए शुरुआती 6 ओवर अच्छे नहीं रहे। पूरे विश्व कप में सलामी जोड़ी रन नहीं बना पायी जिससे पॉवरप्ले बेकार होने के साथ ही मध्यक्रम पर जरुरत से ज्यादा दवाब पड़ा गया। सलामी बल्लेबाज लोकेश राहुल किसी भी मैच में रन नहीं बना पाये।
विश्व कप में पॉवरप्ले के दौरान शुरुआती पांच ओवरों में सलामी बल्लेबाज 40 रन भी नहीं बना पाये। पूरे 5 मैचों के दौरान पॉवरप्ले में भारत ने 32, 32, 33, 37 और 46 रन बनाए। वहीं, इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में भी टीम इंडिया ने पॉवरप्ले में 38 रन बनाए जिसका नुकसान भारत को उठाना पड़ा। इस टूर्नामेंट में टीम के खराब प्रदर्शन के बाद एक बार फिर टीम इंडिया की चयन प्रणाली भी सवालों के घेरे में है। टीम इंडिया ने आक्रामक बल्लेबाज संजू सैमसन को शामिल नहीं किया जबकि सैमसन ने 16 टी20 मुकाबलों में 293 रन बनाए हैं। इसके अलावा टीम ने स्पिनर युजवेन्द्र चहल को अंतिम ग्यारह में शामिल न कर गलती की जबकि सेमीफाइनल से पहले कई दिग्गजों ने कहा था कि चहल को शामिल किया जाये। टूर्नामेंट की बाकी टीमों के लेग स्पिनर्स ने ऑस्ट्रेलियाई मैदानों पर विरोध बल्लेबाजों पर अंकुश लगाया पर भारतीय स्पिनर ऐसा नहीं कर पाये। की पिचों पर किफायती गेंदबाजी की है. फिर चाहे वह पाकिस्तान के शादाब खान हो या फिर इंग्लैंड के लियाम लिविंगस्टन.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here