पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। कमला नेहरू शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में प्रमुख पेंशनर्स एसोसिएशन की आवश्यक बैठक आयोजित की गई। यह बैठक कार्यवाहक जिला अध्यक्ष प्रांत संगठन मंत्री शिव शंकर गंगेले, तहसील अध्यक्ष एस एस डोहरे ,कार्यवाहक अध्यक्ष डी सी ड़हरवाल सहित अन्य पेंशनरों की उपस्थिति में प्रारंभ की गई। जिसमें नव वर्ष और होली की शुभकामनाओं के साथ बैठक प्रारंभ की गई। इसमें गत दिनों जिला शाजापुर में पेंशनर संगठन का प्रांतीय सम्मेलन आयोजित कर विभिन्न प्रकार के प्रस्ताव लिए गए थे । जिसमें कई निर्णय पास किए गए थे उस पर विस्तार पूर्वक चर्चा की गई। तो वहीं संगठन सदस्यता अभियान, स्थानीय और जिला स्तर पर पेंशनरों को हो रही समस्या, प्रांतीय आव्हान पर प्रदेश स्तर पर आयोजित कार्यक्रम, आगामी संघर्ष नीति एवं किशोर कुमार पांडे के आवेदन पर विस्तार पूर्वक चर्चा की गई। सभी विषय पर प्रस्ताव लेकर कार्य करने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर डी आर पटले ,डी आर ठाकुर ,बी आर ड़हाके ,पी एल गौतम ,एस के डोहरे ,के के पांडेय, एन एन बोपचे ,एस के बिसेन ,एस के दुबे ,ए के बहेटवार ,एम एल बोकडे ,अशोक शुक्ला ,श्रीमती एस सैयाम, श्रीमती सुशीला रहाँगडाले ,अनिल रंगारे ,युवराज डहाटे सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
वर्षों से हम लड़ाई लड़ रहे हैं आगे अब आंदोलन करेंगे-शिवशंकर गंगेले
जिला अध्यक्ष शिवशंकर गंगेले ने बताया कि पूर्व में शाजापुर में प्रांतीय सम्मेलन हुआ था जहां ४७ जिलों के पेंशनर शामिल हुए थे। वहां पर जो निर्णय लिए गए उसकी जानकारी से कार्यकारिणी को अवगत करवाया जा रहा है। १६ अप्रैल को भोपाल में महासंग्राम होना है क्योंकि पेंशनरों का संघर्ष आंदोलन है। हमारी समस्या हमेशा डीए की रही है जो शासन बढ़ा देती है परंतु २४ महीने का सरकार डकार जाती है। केंद्र बढ़ाती है तो राज्य को बढ़ाने का प्रावधान है परंतु उसकी अवहेलना की जाती है। वर्षों से बड़ी समस्या आ रही है मध्य प्रदेश सरकारी हथियार के रूप में इस्तेमाल करती है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ दोनों की अनुमति की बात करते हैं अब तो डबल इंजन की सरकार है यह खत्म होना चाहिए। हालांकि इसमें पता किया गया तो स्वीकृति का कोई प्रावधान नहीं है लेकिन इसे हथियार बनाकर सरकार ने रखी है हम मानसिक और शारीरिक परेशान हो रहे हैं। पेंशन के पीछे हमारा परिवार हमारी बीमारी और कई प्रकार के खर्च है यह हेल्थ की भी सुविधा नहीं देते हैं वर्षों से हम लड़ाई लड़ रहे हैं आगे अब हम आंदोलन करेंगे।









































