फर्जी मुठभेड़ मे΄ मारे गये ग्रामीण के परिवार से मिले राज्यमंत्री कावरे

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बालाघाट(पद्मेश न्यूज)। विगत दिनों जिले के गढ़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत बसपहरा के जंगल में पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई फर्जी मुठभेड़ में झाम सिह धुर्वे नामक ग्रामीण की मौत हो गई थी। मृत ग्रामीण के परिजनों से मिलने के लिए मध्य प्रदेश शासन के आयुष व जल संसाधन मंत्री रामकिशोर कावरे मृतक झाम सिंह के गांव देवगांव मिलने पहुंचे और उसके परिजनों को तात्कालिक सहायता के रूप में 1 लाख का चेक प्रदान किया।वही परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का भरोसा भी दिया। वही दूसरी ओर इस घटना पर सवाल उठाते हुए बैहर विधायक संजय उईके ने प्रदेश शासन से तत्काल पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी का स्थानांतरण कर मामले की उचित जांच कराए जाने की मांग की है। ज्ञात हो कि 6 सितम्बर को बसपहरा के जंगल में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ होने की बात पुलिस प्रशासन द्वारा कही गई थी इसके दूसरे ही दिन घटनास्थल से देवगांव के ग्रामीण झाम सिंह की लाश बरामद की थी।जिस पर पुलिस अब तक यह स्पष्ट नहीं कर पाई है कि झाम सिंह की मौत पुलिस की गोली से हुई थी या फिर नक्सलियों की। इस पूरे प्रकरण पर कांग्रेस पार्टी, गोंडवाना पार्टी और आदिवासी समाज के लोग एक बैनर के तले झामसिंह की मौत फर्जी एनकाउंटर बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और साथ ही दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे है। हालांकि इस पूरे मामले में कलेक्टर दीपक आर्य द्वारा मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए जा चुके हैं जिसमे जाँच प्रभारी अपर कलेक्टर शिव गोविंद मरकाम को बनाया गया है जिन्हें 1 माह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है वही दूसरी ओर इस मामले में आदिवासी समाज में नाराजगी है और वह नौकरी और एक करोड़ के राशि मुआवजा के तौर पर दिए जाने की मांग कर रहे हे। इसी के चलते प्रदेश सरकार के आयुष मंत्री जल संसाधन मंत्री राम किशोर कावरे पीडित परिवार से मिलने के लिए उनके गांव देवगांव पहुंचे थे।
आदिवासी समाज और समाज के प्रतिनिधि आज करेंगे प्रशासन का घेराव
आदिवासी समाज के लोगों द्वारा 14 सितंबर को स्थानीय सर्किट हाउस में एक बैठक का आयोजन किया गया जिसमें पुलिस मुठभेड़ में मारे गए ग्रामीण झामसिंह मौत के प्रकरण में उचित मांग और दोषियों पर कार्यवाही को लेकर शासन पर दबाव बनाने के लिए रूपरेखा तैयार की गई।आदिवासी विकास परिषद के जिला अध्यक्ष ने बताया कि जिले की भीतर नक्सल उन्मूलन के नाम पर आदिवासी भाइयों के साथ फर्जी एनकाउंटर किया जा रहा है इन प्रकरणों की उचित जांच हो उसके लिए 15 सितंबर को पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा जाएगा।बैहर के विधायक संजय उईके ने बताया कि झाम सिंह का संबंध किसी नक्सल दलम से नही था, इसके बाद भी पुलिस द्वारा फर्जी इनकाउंटर कर उसकी हत्या कर दी गई। इन सभी मांगों को लेकर सामाजिक जनों और प्रदेश के अन्य जिलों से विधायक 15 सितंबर को बालाघाट पहुंच रहे हैं।
दोषियों पर कार्यवाही नहीं हुई तो करेंगे उग्र आंदोलन- संजय उईके
इस पूरे मामले के संदर्भ में की गई चर्चा के दौरान बैहर विधायक संजय उईके ने राज्य मंत्री रामकिशोर कावरे द्वारा मृतक के परिजनों को दी गई मदद के बदले इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाए जाने की बात कही। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सबसे पहला कदम पुलिस अधीक्षक का स्थानांतरण करना होगा। उन्होंने बताया कि एक आदिवासी भाई को मार दिया गया है उसे नक्सली बताने का प्रयास किया जा रहा है ऐसी घटना जिले में पहली बार नहीं हुई है बल्कि इसके पहले भी होती रही है इन घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो इस मांग को लेकर समाज व विधायक गण शासन प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपेंगे अगर शासन प्रशासन द्वारा इस पर निर्णय नहीं लिया जाता और हमारी समस्त मांगे पूरी नहीं की जाती तो फिर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
इसके पूर्व के भी सभी मामलों की जांच होनी चाहिए- भुवन सिंह कोरार्म
वहीं इस पूरे मामले के संदर्भ में की गई चर्चा के दौरान आदिवासी विकास परिषद के अध्यक्ष भुवन सिंह कोरार्म ने बताया कि गोली मारकर ग्रामीण झाम सिंह की हत्या कर दी गई है इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ना सिर्फ इस मामले की बल्कि इसके पूर्व में हुई विभिन्न मामलों की भी जांच कराई जानी चाहिए ऐसे कई आदिवासी है जो बेगुनाह होते हुए भी जेल में बंद है इसकी भी जांच की जानी चाहिए और जांच की समय सीमा निश्चित होनी चाहिए ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो इसका ध्यान रखा जाना चाहिए वही पुलिस द्वारा जो नक्सली उन्मूलन अभियान चलाया जाता है उस अभियान में समाज के लोग जनप्रतिनिधि विधायक आदि को शामिल किया जाना चाहिए।

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