नपा की उदासीनता के चलते महान दानवीर मुलना जी की स्मृति में बनाया गया मुलना गार्डन अपनी बदहाली पर आंसू बहाता नज़र आ रहा है। जहां वर्षों से उजड़े इस गार्डन पर ध्यान न देने के चलते अब इस गार्डन की भूमि को लोग व्यवसायिक गतिविधि के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं जहां फल ,चाय, पान ठेला व्यवसायियों ने अब इस गार्डन पर धीरे-धीरे अपना कब्जा जमाना शुरू कर दिया है।
तो वहीं कुछ चाय नाश्ता की दुकान वालों ने बकायदा गार्डन के भीतर बांस बल्ली गाड कर अस्थाई काम चलाऊ कमरा बना लिया है जहां वे दुकान में आने वाले ग्राहकों को बैठा कर चाय नाश्ता परोस रहे हैं।
इसके अलावा नगरपालिका की बेरुखी के चलते फल ,पान ठेला ,चाय दुकान व अन्य फुटकर व्यापारी बस स्टैंड स्थित मुलना गार्डन को वाहन पार्किंग के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं जिस पर नगर पालिका का कोई ध्यान नहीं है।
इस गार्डन को सवारने या उसका सुंदरीकरण करना तो दूर की बात नपा अब तक गार्डन की जगह पर किए गए अवैध निर्माण और जगह-जगह किए गए अतिक्रमण को तक नहीं हटा पाई है। ऐसे में सवाल उठता है कि जो नगरपालिका महान दानवीर मुलना जी के नाम से बनाए गए गार्डन का संरक्षण नहीं कर पा रही है या उस गार्डन को सवार नहीं पा रही है तो फिर विकास कार्यों का दावा करने वाली नगरपलिका आखिरकार नगर का सौंदर्यीकरण कैसे करेगी। यही सवाल नगरपालिका की कार्यप्रणाली और उनके गैर जिम्मेदाराना रवैया पर प्रश्न चिन्ह लगाता है।










































