गत माह नौतपा के दौरान भी नर्मदा का जलस्तर बढ़ रहा था और इसके बाद अब तेजी से कम हो रहा है। गत माह जलस्तर करीब 126 मीटर था, जो अब घटकर 115 मीटर के करीब हो गया है। इसकी मुख्य वजह सरदार सरोवर परियोजना के टर्बाइन शुरू होने व लिंक परियोजनाओं से पानी लिफ्ट किए जाने से जलस्तर घट रहा है। नर्मदा जलस्तर अधिक घटता है तो जिला मुख्यालय को पेयजल उपलब्ध कराने वाले इनटेक वेल से पानी दूर हो जाएगा। जानकारी अनुसार 113.700 मीटर से नीचे जलस्तर जाने पर इंटेकवेल तक पानी पहुंचने में समस्या आती है। फिलहाल छोटी कसरावद पुल पर बने इंटेकवेल पर सामान्य जलस्तर है। ढाई- तीन फीट पानी और कम हुआ तो नगर पालिका को मशक्कत करना पड़ सकती है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार शाम तक राजघाट में जलस्तर 115 मीटर के करीब पहुंच गया।
अब तक 23 मीटर तक कमी
उल्लेखनीय है कि दो वर्ष से सरदार सरोवर बांध को पूर्ण क्षमता के साथ भरा जा रहा है। इससे राजघाट में उच्चतम जलस्तर 138.600 मीटर तक पहुंचा है। इस वर्ष जनवरी माह से जलस्तर में कमी होना शुरु हो गई थी। वहीं बीते मई माह में जलस्तर में तेजी से कम होने लगा है। अब तक करीब 23 मीटर तक जलस्तर कम हो चुका है। नगर पालिका के उपयंत्री प्रदीप गंगराडे ने बताया कि शुक्रवार तक इंटेकवेल पर पर्याप्त पानी है। जलस्तर 113 मीटर से कम हुआ तो वैकल्पिक व्यवस्थाएं करवाई जाएगी।
सरदार सरोवर के टर्बाइन चालू हैं और लिंक परियोजनाओं से पानी लिफ्ट भी किया जा रहा है। इसके चलते जलस्तर कम हुआ है। हालांकि जलस्तर को 116 मीटर के आसपास मैंटेन रखा जाएगा, ताकि पेयजल के लिए समस्याए ना आए। –एसएस चौंगड़, कार्यपालन यंत्री एनवीडीए बड़वानी










































