- छतरपुर : बागेश्वरधाम पर आयोजित 300 सामूहिक कन्या विवाह के लिए शुक्रवार से तीन दिवसीय कार्यक्रम शुरू हो गया है। हल्दी कार्यक्रम रस्म में प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव शामिल हुए। सीएम ने मौजूद जोड़ों के सुखमय दाम्पत्य जीवन के लिए शुभाकामनाएं और जीवन के नए सफर की शुरुआत के लिए बधाई दी। लोगों ने पंडित धीरेंद्र शास्त्री और सीएम के प्रति आभार जताया है। शिवरात्रि के शुभ दिन सभी जोड़े दूसरे को माला और तमाम हिंदू रीति रिवाज की रस्मे पूरी कर जिंदगी का हिस्सा बनेंगे।
- इस कार्यक्रम के दौरान बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि अभूतपूर्व उदाहरण बागेश्वरधाम ने प्रस्तुत किया है। मंदिर की दान पेटियों में आने वाले चढ़ावे से गरीब बेटियों का घर बसाया जाता है, जो हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने आश्वस्त किया कि यह कार्य अनवरत रूप से चलता रहेगा, ताकि मंदिरों से सेवा का संकल्प पूरे विश्व में जा सके।
- इस दौरान भाला और माला वाले बयान पर सफाई देते हुए धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा हमारा उद्देश्य शस्त्र, शास्त्र से संम्पन्न भारत बनाने की है। खेल कूद हमारी वैदिक परंपरा है। यह हमारे भारत की परंपरा है, इसको जीवित रखना और उस पर चर्चा करना हमको नहीं लगता विवादित बात है। इसलिए वैदिक गुरुकुलम खेल कूद, जूडो, कराटे, तिरंबाजी, तलवारबाजी आदि शास्त्र विद्या वैदिक परंपरा का हिस्सा है, बच्चों को सिखाकर उन्हें मानसिक तौर पर तैयार किया जाएगा।
- बागेश्वर धाम पर गुरुकुलम का हुआ शुभारंभ,
- शास्त्री ने कहा कि बागेश्वरधाम लगातार सनातनी मूल पर्यायो का उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य के मार्ग पर कैंसर हॉस्पिटल, अन्नपूर्णा समाज सेवा के मार्ग और कन्या विवाह समाजसेवा के मार्ग पर हम आगे बढ़ रहे हैं। मंदिरों के जरिए समाज के वंचित लोगों को सेवाएं प्रदान की जा रही है।
- धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि वैदिक गुरुकुलम में वैद परंपरा के साथ-साथ सभी विषयों को पढ़ाया जाएगा। कन्या विवाह को लेकर बताया कि आज से तीन दिवसीय कार्यक्रम शुरू हो गया है। मंडप कार्यक्रम पर समरसता भोज भी कराया जा रहा है। अभी से वर-वधू पक्ष के लोग आश्रम में पधार रहे हैं। सभी को सामर्थ्य के अनुसार उपहार इत्यादि भेंट कर नवदपंत्ति को आशीर्वाद दिया जाएगा।









































