बालाघाट जिला दो टाइगर रिजर्व का कॉरिडोर,पेच और कान्हा टाइगर रिजर्व क्षेत्र से टाइगर आते है बालाघाट

0

बालाघाट(पद्मेश न्यूज)। बालाघाट जिला दो बड़े टाइगर रिजर्व पेच और कान्हा राष्ट्र्रीय पार्क के मध्य स्थित है इस कारण इन दोनों राष्ट्र्रीय पार्क के बीच कॉरिडोर क्षेत्र कहलाता है। जंगल में अपने नए क्षेत्र स्थापित करने सामान्य वनक्षेत्र में टाइगर आते हैं। वन विभाग द्वारा टायगरों की निश्चित संख्या तो नहीं बताई जाती लेकिन विभाग के आला अधिकारी बताते हैं कि वर्तमान समय में 30 से 40 टाइगर जिले के भीतर अपना क्षेत्र बनाए हुए हैं।
टाइगरो की सतत ली जाती है जानकारी

टाइगर की सुरक्षा के लिए वन विभाग द्वारा लगातार मैदानी अमले से सर्चिंग के साथ है मुखबिरों से जानकारी तक ली जाती है जिसके आधार पर लगातार इनको सुरक्षा प्रदान की जाती है। जिससे लगातार बीते वर्षों में शिकार और अन्य घटनाओं पर रोक लगी है और जिले के भीतर टाइगर के विस्तार में मदद मिली है।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर का टाइगर रिजर्व हमारे पास मौजूद – सीसीएफ
इसके संदर्भ में चर्चा करने पर मुख्य वन संरक्षक नरेंद्र कुमार सनोडिया ने बताया कि पेंच टाइगर रिजर्व और कान्हा टाइगर रिजर्व दो अंतरराष्ट्रीय स्तर के टाइगर रिजर्व हमारे पास मौजूद है और उनके बीच हम लोग उपस्थित है इन दोनों टाइगर रिजर्व में काफी संख्या में वन्य प्राणी टाइगर है। जब क्षेत्र की क्षमता से ज्यादा टाइगर हो जाते हैं तो वह बाहर निकल जाते हैं इसकी गिनती वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा की जाती है। टाइगर की एक निश्चित संख्या तो नहीं लेकिन अनुमान के रूप से डेढ़ से दो सौ की संख्या में टाइगर लैंडस्केप में उपलब्ध है। सीसीएफ श्री सनोडिया ने बताया कि प्रोजेक्ट टाइगर का हर वर्ष प्लान बनता है उनकी सुरक्षा के लिए पेट्रोलिंग, स्टाफ उपकरण, वाहन, गस्ती, जल स्रोतों का विकास आदि किया जाता है टाइगर की सुरक्षा के लिए कार्यवाही सतत चलती रहती है टाइगर के विस्तार को बढ़ाने के लिए यह आदर्श जगह है यह उम्मीद कर रहे हैं कि 30 से 35 टाइगर हमारे जिले के भीतर होना चाहिए बाकी टाइगर लैंडस्केप में होंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here