मध्‍य प्रदेश के कटनी जिले में बिखरीं पड़ीं हैं पुरातन संपदाएं, दम तोड़ रहीं कलाकृतियां

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मध्यप्रदेश के कटनी जिले में कई पुरातन संपदाएं बिखरी पड़ी हैं। इनमें एक स्थान कारीतलाई है। यह प्राचीन मूर्तिकला का केंद्र था। कैमोर पर्वत श्रंृखला में कैमोरी गढ़वा पत्थर की अधिकता के कारण यहां मूर्तियों का निर्माण अधिक होता था। यहां से मूर्तियां बनाकर मूर्तिकार भारत के अन्य स्थानों में भी भेजते थे जिन्हें खासा पसंद किया जाता था।

कच्छ-मच्छ की प्रसिद्ध प्रतिमा यहीं की

देश के अलग-अलग हिस्सों से चोरी की गईं प्राचीन भारतीय कलाकृतियां अमेरिका के संग्रहालयों से लेकर वहां के घरों तक की शोभा बढता रही हैं। तस्करी के जरिए अमेरिका पहुंचीं ऐसी करीब 100 प्राचीन कलाकृतियों को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) ने वापस भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की थी। ये मूर्तियां ईसा पूर्व दूसरी सदी से लेकर 12वीं सदी तक के इतिहास से जुड़ी हैं। अमेरिका में मिली प्राचीन कलाकृतियों में पांचवीं-छठी सदी मध्य प्रदेश के संरक्षित कारीतलाई के स्मारक की प्रसिद्ध कच्छ-मच्छ की प्रतिमा भी शामिल हैं।

कच्छ-मच्छ की प्रसिद्ध प्रतिमा यहीं की

देश के अलग-अलग हिस्सों से चोरी की गईं प्राचीन भारतीय कलाकृतियां अमेरिका के संग्रहालयों से लेकर वहां के घरों तक की शोभा बढता रही हैं। तस्करी के जरिए अमेरिका पहुंचीं ऐसी करीब 100 प्राचीन कलाकृतियों को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) ने वापस भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की थी। ये मूर्तियां ईसा पूर्व दूसरी सदी से लेकर 12वीं सदी तक के इतिहास से जुड़ी हैं। अमेरिका में मिली प्राचीन कलाकृतियों में पांचवीं-छठी सदी मध्य प्रदेश के संरक्षित कारीतलाई के स्मारक की प्रसिद्ध कच्छ-मच्छ की प्रतिमा भी शामिल हैं।

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