भेल कर्मचारी बोनस सहित अन्य मांगों को लेकर चौबीस घंटे के उपवास पर बैठ गए है। भेल कर्मियों को कोरोना संकट काल में बीते दो सालों से बोनस नहीं मिल पाया है। इससे उनमें आक्रोष व्याप्त है। कर्मचारी प्लांट परफार्मेंस बोनस (पीपी) व दीपावली बोनस की मांग कर रहे हैं। कर्मचारी की मांग है कि जल्द ही दोनों बोनस के लिए संयुक्त कमेटी की बैठक आयोजित करें और इस पर निर्णय करें। यूनियन के प्रमुख दीपक गुप्ता, अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि पिछले दो वर्ष से भेल के कर्मचारी बोनस के बिना सूनी दीपावली मना रहे हैं। बीते दो वर्ष प्रबंधन ने घाटे का बहाना बनाकर कर्मचारियों को दिवाली बोनस नहीं दिया है। इस वर्ष भेल कर्मचारियों के कठिन परिश्रम से घाटे से निकलकर 437 करोड़ का लाभ हुआ है। पूर्व के वर्षो में भेल कर्मचारियों को जुलाई माह तक प्लांट परफार्मेंस बोनस का भुगतान व विजयादशमी से पूर्व दीपावली बोनस का भुगतान सुनिश्चित कर दिया जाता था। इस वर्ष दशहरा पर्व बीत जाने तक भी बोनस निर्धारण के लिए बैठक की तिथि की कोई जानकारी प्रबंधन नहीं दे रहा है। वहीं भेक्टू सीटू’ यूनियन के प्रवक्ता अतुल मालवीय ने बताया कि यूनियन पदाधिकारियों का 24 घंटे का उपवास शनिवार दोपहर तीन बजे समाप्त हो जाएगा। 10 अक्टूबर तक यदि प्रबंधन जेसीएम की तिथि घोषित नहीं करती है तो ‘भेक्टू सीटू’ यूनियन विवश होकर प्रबंधन के हठधर्मिता के खिलाफ कारखाने में असहयोग आंदोलन चलाएगी। बोनस पर प्रबंधन के चुप्पी साधने के कारण कर्मचारियों आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है। जिसका सीधा असर कारखाने के उत्पादन पर भी पड़ रहा है।








































