मांझी सरकार में शामिल नहीं होने पर आदिवासियों को मिली धमकी

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लालबर्रा (पद्मेश न्यूज)। मुख्यालय से लगभग १३ किमी. दूर ग्राम पंचायत बगदेही के अंतर्गत आने वाले ग्राम डोहरा में आदिवासियों को मांझी सरकार में शामिल नहीं होने पर कुछ आदिवासी समाज के लोगों के द्वारा परेशान कर धमकी दिये जाने का मामला प्रकाश में आया है जिसको लेकर ग्राम डोहरा के आदिवासी ग्रामीण ६ सितंबर को थाना पहुंचे एवं थाना प्रभारी रघुनाथ खातरकर को ज्ञापन सौंपकर धमकाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही की मांग की है। थाना प्रभारी से की गई शिकायत में ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम डोहरा निवासी चैतलाल पिता स्व.माहिल सलामे के घर में ५ व ६ सितंबर की दरमियानी रात्रि लगभग १ बजे सोमारू उइके एक बच्ची को लेकर आया और चैतलाल सलामे को उठाकर बोला कि तुम लोग हमारे मांझी सरकार के कार्यक्रम में नहीं आते, जिसके बाद गालियां देते हुए धमकी दी कि यदि मांझी सरकार के कार्यक्रम में नहीं आये आये तो इसका नतीजा तुम्हे देखने में मिल जायेगा। सोमारू के द्वारा कहा गया कि मांझी समाज का मुखिया हेमराज इनवाती है जिसके द्वारा उसे भेजा गया है एवं मांझी सरकार में बगदेही के दो लोग शंकरलाल भलावी व धनीराम वरकड़े शामिल है, हम चारों लोग मिलकर तुम लोगों सबक सिखायेंगें कहकर चला गया जिसके बाद सोमारू ने आदिवासी गोंडी मोहल्ले में भी चंदन उइके, सदनलाल उइके, धनेश उइके व महेश उइके के घर पर जाकर गाली-गलौच करते हुए धमकी दी कि तुम लोग मांझी सरकार के कार्यक्रम में नहीं आओगे तो सभी को देख लूंगा। इस घटना से घबराये आदिवासी ग्रामीणों के द्वारा सोमारू उइके व हेमराज इनवाती के विरूध्द दंडात्मक कार्यवाही की मांग की गई है। ज्ञापन सौंपते समय सेवकराम सेंदरे, अशोक नागेश्वर, कन्हैयालाल मर्सकोले, चैतराम सलामे, बसनबाई सलामे, चंदन उइके, राजकुमार मेश्राम, धनेश उइके, सदन उइके, अमीरसिंह वरकड़े, धनाराम नागेश्वर, द्वारका भलावी, कमलसिंह वरकड़े, धरमसिंह वरकड़े व धनसिंह उइके सहित अन्य ग्रामीणजन मौजूद रहे।

आदिवासी ग्रामीणों को दी गई धमकी – ठानेन्द्र
पद्मेश से चर्चा में ग्राम पंचायत बगदेही प्रधान ठानेन्द्र ठाकरे ने बताया कि उन्हें प्रात: ग्रामीणों के द्वारा सूचना दी गई कि ग्राम डोहरा में रात्रि १ बजे चैतराम सलामे के घर में सोमारू उइके एक बच्ची को साथ में लेकर गया था और मांझी सरकार के कार्यक्रम में नहीं आते हो कहकर आदिवासी समाज के अन्य लोगों को भी गाली-गलौच कर धमकी दी गई जिसके बाद ग्रामीणों के द्वारा थाना पहुंचकर कर शिकायत की गई। श्री ठाकरे ने बताया कि इस घटनाक्रम में उक्त व्यक्तियों का यह मकसद है कि उनके द्वारा मांझी सरकार जो आदिवासियों का समूह है जिसमें आदिवासी ग्रामीण जुड़े और उनकी वेशभूषा पहनकर पूजापाठ के कार्यक्रम में अन्य सामाजिक गोष्ठी में शामिल हो लेकिन आदिवासी ग्रामीणों के द्वारा मांझी सरकार में जाने से इंकार किया जा रहा है,य्आदिवासियों का कहना है कि वे अपने गोंडी धर्म में ही रहेंगे जिसके चलते उक्त लोगों के द्वारा ग्रामीणों को रात-रात में परेशान किया जा रहा है। हमारी शासन प्रशासन से मांग है कि इस मामले का त्वरित निराकरण करवाया जाये।

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