जिले से कुपोषण को मिटाने के लिए सरकार कई योजनाएं संचालित कर रही है, लेकिन कई लोग इन योजनाओं और इसके लाभ से आज भी अनजान हैं। जिला अस्पताल में बने जिला पोषण पुनर्वास केंद्र में कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों को इलाज किया जाता है। यहां भोजन, इलाज, सफाई जैसी व्यवस्थाएं तो दुरुस्त हैं, लेकिन भर्ती होने वाले बच्चों के कई परिजनों को योजनाओं की सही-सही जानकारी नहीं है। कुछ जानकारी है, वो भी आधी-अधूरी।
आपको बता दें कि जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र में 20 बच्चों को भर्ती करने की क्षमता है। इसके लिए दो अलग-अलग कक्ष बने हैं, जहां बच्चों के खेलकूद और मनोरंजन के लिए सारी सुविधाएं हैं, लेकिन बच्चों के साथ रहने वाली उनकी मांओं, दादी या नानी को उन्हें मिलने वाली सहायता राशि के बारे में जानकारी नहीं है। इस केंद्र में आमतौर पर 14 दिनों तक कमजोर बच्चे का इलाज किया जाता है। 14 दिनों तक बच्चे के वजन पर खास निगरानी रखी जाती है। शासन की तरह से कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों की माताओं या परिजनों को 14 दिनों के लिए 120 रुपए प्रति दिन की दर से 1680 रुपए की राशि दी जाती है। जब इस संबंध में पद्मेश न्यूज ने कुछ माताओं से बातचीत की, तो उन्होंने कहा कि इस योजना के बारे में न आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने बताया और न ही पुनर्वास केंद्र में किसी ने जानकारी दी। कुछ माताओं ने बताया कि उनके गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने उन्हें 3 हजार रुपए मिलेंगे, ऐसी जानकारी दी गई है।
सुविधाओं के संबंध में परिजनों का कहना रहा कि यहां समय पर भोजन, दवाइयां और बच्चों के मनोरंजन की व्यवस्था है, लेकिन तमाम प्रचार-प्रसार के बाद भी शासन की योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को न होना कई सवाल खड़े करता है। इस संबंध में जिला पोषण पुनर्वास केंद्र के प्रभारी डॉ. निलय जैन ने दूरभाष पर चर्चा के दौरान बताया कि एनआरसी यानी जिला पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती होने वाले हर बच्चे के परिजनों को इस योजना की जानकारी दी जाती है। हो सकता है कि कुछ महिलाओं को जानकारी नहीं दी गई होगी, लेकिन अधिकतर केसेस में स्टाफ द्वारा सहायता राशि के संबंध में बताया जाता है। साथ ही परिजनों के बैंक खाते का नंबर लिया जाता है ताकि बच्चे के डिस्चार्ज होने के बाद शासन से मिलने वाली राशि उनके खाते में डाली जा सके। कई बार परिजन दो या चार दिन में ही बच्चे को केंद्र से ले जाते हैं। ऐसी स्थिति में भी केंद्र द्वारा उतने ही दिनों की राशि 120 रुपए प्रति दिन के हिसाब से बैंक खाते में डाली जाती है।










































