रिटायर्ड IAS द्विवेदी को पौने तीन साल तो यादव को तीन माह से पेंशन का इंतजार

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भोपाल । कभी प्रशासन में रसूख रखने वाले अधिकारी राजनीतिक झमेलों में ऐसे फंसे कि अब पेंशन को तरस रहे हैं। सामान्य प्रशासन विभाग में आधा दर्जन से ज्यादा आईएएस अधिकारियों के पेंशन प्रकरण लंबित हैं। इनमें से एक एलके द्विवेदी हैं, जो पिछले पौने चार साल से पेंशन तय होने का इंतजार कर रहे हैं तो 30 अप्रैल 2020 को सेवानिवृत्त हुए सभाजीत यादव की आरोप पत्र का जबाव देने के बाद भी पेंशन मंजूर नहीं हुई है। प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव एसआर मोहंती का मामला भी ऐसा ही है। इनमें से दो अधिकारियों पर आर्थिक अनियमितता के आरोप हैं तो एक पर गलत तरीके से दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित करने का। वहीं मामलों की तह में जाएं तो इन अधिकारियों से नेताओं की नाराजगी भी सामने आती रही है।

ये हैं अफसर जिनकी पेंशन नहीं बन रही

एलके द्विवेदी

सचिव पद से 30 नवंबर 2016 को सेवानिवृत्त हुए एलके द्विवेदी को अब भी पेंशन मंजूर होने का इंतजार है। तीन माह पहले डीओपीटी (केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग) ने उनके मामले में दंड भी तय कर दिया है। विभाग ने द्विवेदी की पेंशन में दो साल के लिए 10 फीसद की कटौती की है, जबकि राज्य शासन उन्हें पौने तीन साल से 90 फीसद अंतरिम पेंशन दे रहा है। मामले में शासन ने केंद्र को एक साल के लिए 10 फीसद की कटौती का प्रस्ताव भेजा था। द्विवेदी पर वर्ष 2005 में कटनी नगर निगम में आयुक्त रहते हुए दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित करने का आरोप है। मामले में उन्हें सेवानिवृत्ति से ठीक तीन माह पहले आरोप पत्र दिया गया। द्विवेदी ने आरोप स्वीकार कर लिए और खुद आगे रहकर दंड सुनाने को कहा था। पौने चार साल में द्विवेदी मुख्य सचिव को आधा दर्जन बार पत्र लिखकर पेंशन शुरू कराने का निवेदन कर चुके हैं। वे कहते हैं कि आरोप गलत हैं। वे कर्मचारी पात्रता रखते थे और स्क्रीनिंग कमेटी ने मंजूरी भी दी थी। द्विवेदी कहते हैं कि आईएएस के लंबित मामले निपटाने में किसी का राजनीतिक फायदा नहीं है। यदि मैं चैनल से काम करता तो सब जल्द हो जाता है।

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