बालाघाट।संपूर्ण नगर में 24 घंटे पेयजल उपलब्ध कराने के लिए भले ही नगर पालिका ने जल आवर्धन योजना के नाम से 38करोड़ रु फूक दिए हो लेकिन नगर के कई इलाकों में अब भी पेयजल की किल्लत बनी हुई है, पेयजल के लिए करोड़ों रुपए फुकने के बाद भी जहां-तहां पानी की समस्या देखी जा रही है।पेयजल की किल्लत का ताजा मामला नगर के वार्ड नं 9 गुजरी सब्जी बाजार का है। हैरानी की बात तो यह है कि नगर पालिका गुजरी बैठकी बाजार के नाम पर सब्जी विक्रेताओं से रोजाना टैक्स वसूल रही है, बावजूद इसके भी उन सब्जी विक्रेताओं के लिए पेयजल का उचित प्रबंध भी नहीं किए गए है।जिसके चलते, गुजरी सब्जी बाजार में चिल्लर सब्जी व्यपारियो को पेयजल के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिसपर सब्जी व्यापारियों ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए बाजार परिसर में पेयजल की उचित व्यवस्था बनाए जाने की मांग की है।
30 रु की केन खरीदकर बुझा रहे प्यास
बात अगर पेयजल समस्या की करें तो गुजरी बाजार के कई चिल्लर सब्जी विक्रेता पैसों से पानी खरीद कर अपनी प्यास बुझा रहे हैं जहां पेयजल के उचित इंतजाम ना होने से सब्जी व्यापारी,किसी की दुकान या किसी के घर से पानी लाने के लिए मजबूर हैं तो वहीं कई सब्जी विक्रेता 12 महीने 30रु प्रति केन के हिसाब से पानी खरीद कर अपनी प्यास बुझा रहे है। इसके अलावा कई फुटकर दुकानदार सब्जी के साथ साथ अपने घर से ही पीने का पानी लाने के लिए मजबूर है।
2013 में खुदवाया था बोरिंग, जिंसमे हैंडपंप आज तक नहीं लगा
बात अगर पेयजल व्यवस्था की करें तो गुजरी मार्केट में सब्जी व्यवसायियों के लिए पेयजल की सुविधा नहीं है।जहां चिल्लर सब्जी व्यापारी जामा मस्जिद या एकमात्र पुराने थाने के आगे लगे हैंडपंप से पानी लाने के लिए मजबूर हैं,तो वही इधर उधर से जुगाड़ कर पानी खरीदकर प्यास बुझा रहे है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2013 में जब कांप्लेक्स का निर्माण कराया गया था उस वक्त नपा द्वारा कॉन्प्लेक्स परिसर में ही बोरिंग खुदवाया गया था जिस पर हैंडपंप लगाकर 24 घंटे पेयजल की सुविधा दिए जाने का वादा किया गया था लेकिन आज तक गुमठी बाजार कॉन्प्लेक्स परिसर या गुजरी सब्जी बाजार में कही भी व्यापारियों को पेयजल की सुविधा नहीं मिल पाई है।
टैक्स के अनुरूप यहां सुविधाएं नही है-सुंदा बाई
मामले को लेकर की गई चर्चा के दौरान सब्जी विक्रेता श्रीमती सुंदाबाई बगड़मारे ने बताया कि वह 5-6 वर्षों से सब्जी की दुकान लगा रही हैं। यहां पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है,कई लोग घर से पानी लेकर आते हैं तो कई सब्जी विक्रेता पैसा देकर पानी की केन खरीदते है।तो कुछ लोग उधर उधर से पानी मांगकर प्यास बुझाते है। यहां पानी की बहुत ज्यादा समस्या है हम दुकान लगाते हैं तो चिट्ठी के नाम पर रोजाना 50रु टैक्स देते हैं पर यहां सुविधाएं कुछ भी नहीं दी जा रही हैं हमारी मांग है की व्यवस्थाएं अच्छी होनी चाहिए क्योंकि पानी के लिए हमें दुकानदारी छोड़कर इधर उधर जाना पड़ता है।










































