लालबर्रा : पर्याप्त बारिश ना होने से रबी सीजन में किसानों के लिये बढ़ सकती है परेशानी

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लालबर्रा (पद्मेश न्यूज)। मुख्यालय से लगभग ८ किमी.दूर घने जंगलों के बीच स्थित क्षेत्र का सबसे बड़ा सर्राठी जलाशय क्षेत्रीय किसानों के लिये खरीफ व रबी सीजन में सिंचाई के लिये वरदान साबित होता है लेकिन इस वर्ष पर्याप्त बारिश नहीं होने से जलाशय मेंसिर्फ ६५ प्रतिशत पानी ही भर पाया है जबकि पिछले वर्ष इस अवधि में जलाशय पूर्णत: भर चुका था। विभागीय अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान में सर्राठी जलाशय में २२ फिट पानी भर गया है जिससे क्षेत्रीय किसानों को खरीफ सीजन की फसलों की सिंचाई करने के लिये तो पर्याप्त पानी मिल जायेगा लेकिन रबी सीजन की फसलों में सिंचाई के लिये परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। पद्मेश की टीम ने २५ अगस्त को सर्राठी जलाशय का जायजा लिया तो पाया कि आषाढ़ व सावन मास में हुई बारिश से जलाशय का जल स्तर बढक़र २२ फिट ही पहुंच पाया है वहीं जलाशय ओव्हरफ्लो होने से यानि रपटा फेंकने से अभी ७ फिट दूर है, २९ फीट जल भरने के बाद रपटा शुरू होगा जिसके लिये भादो मास में अच्छी बारिश होने की उम्मीद जताई जा रही है। विदित हो कि रोजाना पर्यटक जलाशय को देखने के लिये पहुंच रहे है जिसमें मुख्य रूप से पर्यटक तालाब के ओव्हर फ्लो यानि रपटा प्रारंभ होने का नजारा देखने के लिये उत्सुक है लेकिन रपटे का नजारा देखने का सपना संजोयें लोगों को फिलहाल मायूस होकर वापस लौटना पड़ रहा है। ऐसी संभावना है कि यदि भादो मास में चार-पांच दिनों तक जोरदार बारिश होती है तो ही तालाब भर पायेगा, यदि पर्याप्त बारिश नही हुई तो आगामी रबी के मौसम में किसानों को सिंचाई के लिये पर्याप्त पानी नही मिल पायेगा। हम आपको बता देंं कि हरी-भरी वादियों व घने जंगलों के बीच स्थित सर्राठी जलाशय पर्यटन स्थल की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान है, यहां का प्राकृतिक सौंदर्य व मनोरम दृश्य आने वाले हर एक पर्यटकों को भा रहा है, वर्तमान में जलाशय का जलस्तर पर्यटकों की खुशियों को चार चांद लगा रहा है जिसमें पर्यटक अपने मोबाइल में सेल्फी लेकर यहां बिताये पलों को यादगार बना रहे है लेकिन जलाशय के रपटे का नजारा दिखाई नहीं देने से पर्यटकों का मोहभंग हो रहा है हालांकि वैसे तो सर्राठी जलाशय में घुमने व पिकनिक मनाने के लिये साल भर लोगों का आना-जाना लगा रहता है परंतु त्यौहारों के मौके पर यहां मेला सा माहौल निर्मित हो जाता है लेकिन प्रशासन द्वारा पर्यटन स्थल की दृष्टि से यहां पर सुरक्षा के तौर पर किसी प्रकार की सुविधायें मुहैया नहीं करवाई गई है। पर्यटकों की माने तो घने जंगलों व वादियों के बीच स्थित होने की वजह से वन्य प्राणियों का खतरा बना रहता है जिसको देखते हुए प्रशासन को सुरक्षा की दृष्टि से उचित कदम उठाये जाने चाहिये।
३० ग्रामों के किसानों को मिलता है पानी
ब्रिटिश शासनकाल में निर्मित सर्राठी जलाशय क्षेत्र के लगभग ३० ग्रामों के किसानों के लिये वरदान साबित होता है वहीं वर्षों से मछुआरों के लिये भी आय का साधन बना हुआ है। अल्पवर्षा वाले कुछ सालों को छोड़ दिया जाये तो प्रतिवर्ष क्षेत्रीय किसानों को खरीफ व रबी सीजन में जलाशय से निकलने वाली नहरों व मायनरों के माध्यम से सिंचाई के लिये पर्याप्त पानी उपलब्ध होता है। इस वर्ष पर्याप्त बारिश नहीं होने से जलाशय में पर्याप्त जल संग्रहण नहीं हो पाया है, यदि अब बारिश नहीं हुई तो किसानों को खरीफ सीजन में धान फसल के लिये तो पानी मिल जायेगा लेकिन रबी सीजन में गेंहू, चना व अन्य फसलों की सिंचाई के लिये समस्या होगी।
‘वर्तमान समय में सर्राठी जलाशय में २२ फिट पानी भर चुका है यानि लगभग ६५ प्रतिशत जलाशय भर चुका है, ऐसी स्थिति में यदि बारिश नही होती है तो फिलहाल किसानों को सिंचाई के लिये पूर्ति की जा सकती है, आगामी समय में बारिश होने की संभावना बनी हुई है जिसमें उम्मीद है कि जलाशय पूर्णत: २९ फिट भर जायेगा।’
एम.के.लूथरा
उपयंत्री
जल संसाधन विभाग

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