विभिन्न मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं ने भरी हुंकार

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बालाघाट(पदमेश न्यूज)। वर्षों से लंबित अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अखिल भारतीय आशा कर्मचारी महासंघ ने पुन: हुंकार भरते हुए सोमवार को जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश सरकार के नाम एक ज्ञापन सौंपा जिसमें उन्होंने वर्षों से लंबित उनकी राष्ट्रीय व स्थानीय विभिन्न मांगें पूरी कराने की गुहार लगाई वहीं उन्होंने मांग पूरी ना होने पर 1 अक्टूबर से पूरे जिले में काम बंद हड़ताल किए जाने की चेतावनी दी है। कलेक्टर कार्यालय में सौपे गए इस ज्ञापन में आशा कार्यकर्ताओं द्वारा जहां एक ओर कोरोना योद्धा के रूप में घोषणा के अनुसार10हजार रु प्रति माह का मानदेय दिए जाने की मांग की गई तो वहीं दूसरी ओर आशा कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। आशा कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा कोरोना संक्रमण काल में फ्रंट में रहते हुए काम करने वाली आशा कार्यकर्ताओं को अतिरिक्त 10 हजार मानदेय देने का वादा किया गया था जिसे आज तक पूरा नहीं किया गया है इसके लिए बकायदा 14 सितंबर को शहर के बूढ़ी स्थित कर्मचारी भवन में आशा कार्यकर्ताओं ने बैठक ली और आगामी दिनों में काम बंद आंदोलन करने की रूपरेखा बनाई।
मांग पूरी नहीं हुई तो दिल्ली से भोपाल तक करेंगे आंदोलन-निरंजन सिंह
ज्ञापन के संदर्भ में की गई चर्चा के दौरान भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश मंत्री निरंजन सिंह ने बताया कि जिले की आशा कार्यकर्ता चिकित्सकों के खिलाफ लामबंद है कुछ सरकारी चिकित्सक अपनी मनमानी चला रहे हैं बिना कोरोना जाँच, बिना रिपोर्ट के ही आशा कार्यकर्ताओं को कोरोना पॉजीटिव्ह बताया जा रहा है और उन्हें जबरदस्ती को कोरेण्टाईन किया जा रहा है वहीं उनके परिजनों के साथ गुंडागर्दी की जा रही है जिसकी हम घोर निंदा करते हैं कुछ दिनों पूर्व सावंगी की आशा बहन बबीता के साथ भी कुछ ऐसी ही घटना हुई जिसमें आशा बहन का मोबाइल फोन तक तोड़ दिया गया यह असहनीय है ज्ञापन में हमने मांग की है कि ऐसे चिकित्सकों पर कार्यवाही कर उन्हें बर्खास्त किया जाना चाहिए वही आशा कार्यकर्ता का जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई की जानी चाहिए यदि हमारी यह मांग पूरी नहीं होती तो हम दिल्ली से लेकर भोपाल तक आंदोलन करेंगे।
चिकित्सक नौकरी से निकालने की देते हैं धमकी- गीता कटरे
वही ज्ञापन के संदर्भ में की गई चर्चा के दौरान अखिल भारतीय आशा कर्मचारी महासंघ की जिला अध्यक्ष श्रीमती गीता कटरे ने बताया कि कोरोना काल मे 4 माह से सभी आशा बहनों से काम लिया जा रहा है हम घर-घर जाकर सर्वे कर रहे हैं शासन प्रशासन को जानकारी दे रहे है लेकिन शासन द्वारा जो 10 हजार रु मानदेय देने की घोषणा आशा कार्यकर्ताओं के लिए की गई थी वह पैसा अब तक आशा कार्यकर्ताओं के खाते में नहीं आया है वही महज हजार रुपए मानदेय दिया जा रहा है हम पर दबाव बनाया जा रहा है कि काम करो पैसे की बात मत करो वही बीएमओ, सीएचएमओ नौकरी से निकालने की धमकी दे रहे हैं हमारी मांग है कि फ्रंट लाइन में काम करने वाली सभी आशा कार्यकर्ताओं को घोषणा के अनुरूप 10 हजार रु का मानदेय दिया जाना चाहिए और यदि शाशन से10हजार रु का मानदेय आया है तो फिर आशा कार्यकर्ताओं को अब तक क्यों नहीं दिया गया उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष का पल्स पोलियो अभियान तक का आशा कार्यकर्ताओं को मानदेय नहीं मिला है स्वास्थ्य विभाग के हर काम आशा कार्यकर्ताओं के लिए जा रहे हैं पर शासन प्रशासन से आशा कार्यकर्ताओं को मिलने वाले विभिन्न लाभ और सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं इसके अलावा वर्षों से लंबित हमारी विभिन्न राष्ट्रीय व स्थानीय मांगे हैं जिन्हें अब तक पूरा नहीं किया गया है यदि शासन प्रशासन द्वारा हमारी इन मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो 1 अक्टूबर से सभी आशा बहने काम बंद हड़ताल शुरू कर देंगे।

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