वार्ड क्रमांक 25 में प्रस्तावित शराब दुकान को लेकर चल रहे विरोध का असर अब अन्य वार्डों में भी देखने को मिल रहा है। स्थानीय महिलाओं और वार्डवासियों में यह आशंका बढ़ गई है कि कहीं उक्त दुकान को अन्य वार्डों में स्थापित न कर दिया जाए। इसी डर के चलते वार्ड क्रमांक 33 सहित आसपास के वार्डों की महिलाएं दिन के साथ-साथ रात्रि के समय भी सतर्क नजर आ रही हैं। महिलाएं बड़ी संख्या में अपने-अपने वार्डों के संभावित स्थानों और चौक-चौराहों पर एकत्र होकर निगरानी कर रही हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि वे वार्ड क्रमांक 25 की शराब दुकान को अपने क्षेत्र में स्थापित नहीं होने देंगी। विरोध के स्वर अब केवल एक वार्ड तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि यह अन्य वार्डों में फैलते नजर आ रहे हैं। विरोध के इस स्वरूप का एक दृश्य 11 अप्रैल की रात करीब 9:30 बजे वार्ड क्रमांक 33 स्थित सेन चौक में देखने को मिला, जहां महिलाएं और वार्डवासी हाथों में लाठी लेकर समूह में मौजूद रहे और संभावित स्थानों पर नजर बनाए रखी। महिलाओं का कहना है कि रहवासी क्षेत्रों में शराब दुकान खोले जाने से सामाजिक वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, इसलिए वे किसी भी स्थिति में इसे अपने वार्ड में संचालित नहीं होने देंगी। लगातार बढ़ते विरोध के बीच अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या निर्णय लेता है और विवाद का समाधान किस तरह किया जाता है।
वार्ड क्रमांक 24 में संचालित शराब दुकान को महिलाओं के विरोध के बाद 7 अप्रैल से वार्ड क्रमांक 25 में स्थानांतरित कर संचालित करने का निर्णय लिया गया था, लेकिन नए स्थान पर भी विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। वार्ड क्रमांक 25 की महिलाओं और रहवासियों ने इसे रहवासी क्षेत्र बताते हुए पहले दिन से ही दुकान के खिलाफ धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया, जो 12 अप्रैल तक लगातार जारी है। महिलाओं का कहना है कि आवासीय क्षेत्र में शराब दुकान खुलने से वातावरण बिगड़ेगा और बच्चों तथा परिवारों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इसी कारण वे 7 अप्रैल से दुकान के सामने बैठकर लगातार विरोध कर रही हैं। इस आंदोलन को खास बात यह रही कि सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों के जनप्रतिनिधियों ने समर्थन दिया। वार्ड स्वयं नगर पालिका अध्यक्ष भारती ठाकुर का होने के कारण उन्होंने भी मौके पर पहुंचकर महिलाओं के आंदोलन का समर्थन किया और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर दुकान हटाने की मांग की थी । वहीं कांग्रेस की ओर से भी इस मुद्दे पर समर्थन दिया गया। बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे स्वयं वार्ड में पहुंचीं और महिलाओं को आश्वस्त किया कि वे इस विरोध में उनके साथ खड़ी हैं। महिलाओं ने विरोध के विभिन्न स्वरूप अपनाए। कभी सुंदरकांड का पाठ किया गया, तो कभी हवन-पूजन कर विरोध दर्ज कराया गया। इसके साथ ही वार्ड में हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर दुकान हटाने की मांग का समर्थन किया। इसके बावजूद अब तक दुकान को अन्यत्र स्थानांतरित नहीं किया जा सका है। हालांकि कुछ जनप्रतिनिधियों का कहना है कि संबंधित विभाग दुकान के लिए वैकल्पिक स्थान तलाश रहा है, जिसके चलते निर्णय में देरी हो रही है। इधर, इस आशंका को लेकर कि कहीं दुकान को आसपास के किसी अन्य वार्ड में स्थापित न कर दिया जाए, अब महिलाएं और स्थानीय नागरिक दिन-रात सतर्क नजर रख रहे हैं। 11 अप्रैल की रात इसका एक उदाहरण भी देखने को मिला, जब वार्ड क्रमांक 33 की महिलाएं बड़ी संख्या में सेन चौक पर लाठियां लेकर पहुंच गईं। महिलाओं ने अनौपचारिक चर्चा में बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि प्रशासन रात के समय उनके क्षेत्र में शराब दुकान स्थापित कर सकता है। इसी आशंका के चलते वे मौके पर पहुंचीं और साफ कहा कि किसी भी स्थिति में अपने वार्ड में दुकान नहीं खुलने देंगी। महिलाओं की मौजूदगी को देखते हुए डायल 112 पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और सुरक्षा की दृष्टि से वहां तैनात रही। इस संबंध में वार्ड पार्षद योगेश बिसेन ने बताया कि क्षेत्र की महिलाएं अपने वार्ड में शराब दुकान नहीं चाहतीं, इसलिए वे संभावित स्थानों पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने भी महिलाओं के प्रदर्शन का समर्थन करते हुए कहा कि वे वार्ड में किसी भी कीमत पर शराब दुकान स्थापित नहीं होने देंगे।










































