सिस्टम की नाकामी तमाम कोशिशें विफल एक दशक से सरकारी पानी की राह देख रहे ग्रामीण

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पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। वारासिवनी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत सावंगी में १ दशक से अधिक का समय नल जल योजना बनाने को हो चुका है। आज भी योजना का पानी गांव के किसी घर में नहीं मिल पाया है। आज भी गांव के लोग कुआं हैंडपंप या स्वयं के ट्यूबवेल के माध्यम से भूमिगत जल प्राप्त कर अपनी जलापूर्ति कर रहे हैं। हालांकि ग्राम का अधिकांश पानी खारा होने के कारण पीने के मीठे पानी के लिए करीब १ किलोमीटर की दूरी भी तय कर रहे हैं। परंतु योजना के जिम्मेदारों के द्वारा इस समस्या पर गंभीरता से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हर बार नई समस्या इजात कर शासन से काम करवाया जाता है। ऐसे में ग्रामीणों के द्वारा योजना की विफ लता को लेकर आक्रोश व्याप्त हैं। जिनके अंदर अब इस योजना के माध्यम से पानी प्राप्त करने इच्छा भी दम तोड़ती नजर आ रही हैं। ऐसे में ग्रामीणों के द्वारा अब तो पानी उपलब्ध कराने की मांग शासन प्रशासन से की जा रही है।

जिम्मेदारों के आश्वासन से ग्रामीणजन परेशान

सावंगी ग्राम पंचायत में पीने की पानी की समस्या और लोगों को हो रही परेशानी को देखते हुए करीब वर्ष २००८ में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मध्य प्रदेश शासन के द्वारा नल जल योजना ग्राम के लिए स्वीकृत की गई थी। जिसका निर्माण करीब २०१५ में चालू हुआ जो जल्द ही पूर्ण कर लिया गया। परंतु पानी की टंकी रेलवे क्रॉसिंग के दूसरे तरफ होने से कुछ समय पाइपलाइन रेलवे क्रॉसिंग के नीचे से निकलने में लग गये। इसके बाद जब पाइपलाइन बस्ती में पहुंची तो पूरे ग्राम के अंदर पाइप लाइन का विस्तार कर हर घर में नल जल योजना का कनेक्शन दे दिया गया। किंतु उसके बाद टंकी भरना मुश्किल होने लगा जिस पर ५०००० लीटर का सम्पवेल निर्माण किया गया। कई ट्यूबवेल का खनन किया गया परंतु पानी की उपलब्धता शून्य होने का कारण बताकर व्यवस्था बनाने का आश्वासन दिया जाता रहा। जिसमें अनेकों कारण देकर कई प्रयास निर्माण एजेंसी एवं विभाग के द्वारा दिए गए और आवश्यक कार्यों को स्वीकृत भी कराया गया। परंतु एक दशक लंबा समय बीतने के बाद भी ना तो योजना चालू हुई ना ग्रामीणों को पानी मिला। बल्कि शासन के लाखों रुपये व्यर्थ में खर्च होकर नल जल योजना के रूप में पूरी योजना ग्राम में शोभा की सुपारी बनी हुई है। जिसमें फि लहाल फि र से ग्राम के अंदर खुदाई कर पाइपलाइन विस्तार का कार्य करवाया जा रहा है।

फ्लोराइड युक्त पानी पीने ग्रामीण मजबूर

ग्राम में नल जल योजना का सफल संचालन निर्माण के बाद आज तक नहीं होने के कारण ग्राम के लोगों को स्वयं एवं शासन के जल स्रोत जैसे ट्यूबवेल कुएँ हैंडपंप के माध्यम से पानी प्राप्त कर अपनी जरूरत को पूरा करना पड़ रहा है। परंतु पूरे ग्राम के अधिकांश जल स्रोतों में खारा पानी निकलता है वहीं चुनिंदा दो.तीन जल स्रोत है जिससे मीठा पानी आता है जो पीने लायक है। ऐसे में ग्राम में जितना भी खारा पानी निकलता है उन जल स्रोतों में सबसे ज्यादा मात्रा फ्लोराइड की बताई जाती है। जिसका कुछ वर्षों पहले लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के द्वारा जांच कर अपने एक ट्यूबवेल को बंद कर दिया गया था। किंतु पानी की समस्या देखते हुए पुन: इस ट्यूबवेल को ग्रामीणों के लिए उपलब्ध करा दिया गया। इस प्रकार की स्थिति पूरे ग्राम में देखी जा रही है जहां हर जल स्रोत के माध्यम से ग्रामीणों को फ्लोराइड युक्त पानी पीने और अपने दैनिक उपयोग करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। तो वहीं मीठा पानी लाने के लिए मंडई टेकरा या स्कूल में जाना होता है, इस दौरान ग्रामीणों को करीब ५०० मीटर से १ किलोमीटर तक की दूरी तय करना पड़ रहा है। यह स्थिति हर मौसम हर दिन बनी हुई है जबकि आगे गर्मी आने वाली है जल स्रोतों का पानी भूमिगत जल स्तर गिरने से कम होगा। उस समय पानी की एक विकराल समस्या ग्रामीणों के सामने फि र खड़ी होगी। जबकि इस समस्या का समाधान केवल नल जल योजना है परंतु वह भी आज तक लोगों को पानी उपलब्ध नहीं करा पाई है। जिसे चालू कर ग्राम के हर घर को पानी उपलब्ध कराने की मांग ग्रामीणों के द्वारा की जा रही है।

१० वर्षो से नही मिल रहा पानी-पदम पटले

ग्रामीण पदम पटले ने बताया कि नल जल योजना की स्थिति काफ ी बेकार है सभी तरफ खुदाई चल रही है। १० वर्ष हो गया है टंकी बनी पर आज तक पानी नहीं मिला है। इसमें समस्या पाइप सही नहीं लगे हैं जहां पानी नहीं है वहां पर ट्यूबवेल किया गया है इस प्रकार समय और शासन की राशि दोनों को व्यर्थ किया गया है। हमें इससे पानी नहीं मिल रहा है अभी गर्मी का मौसम आ गया है पानी के लिए हमें भटकना पड़ेगा। जब पानी की टंकी खाली ही रहेगी तो योजना में पानी कैसे आ जाएगा १ दिन टेस्टिंग किये थे तो पानी दिए थे उसके बाद पानी नहीं आया है। अब इसके लिए जिम्मेदार व्यक्ति को हम क्या बोले पता नहीं हम तो यही चाहते हैं कि यह योजना का पानी हमें मिले हमारी दिक्कतें खत्म हो। इसमें सरपंचों का कोई प्रयास नहीं रहा है और ना ही उन्होंने ध्यान दिया है जिसके कारण इतनी लेट लतीफ ी चल रही है।

योजना को चालू करने पंचायत और विभागीय अधिकारियों से बात करने पर सिर्फ आश्वासन देते है-मनेन्द्र ठाकरे

ग्रामीण मनेन्द्र ठाकरे ने बताया कि हमारे पास पीने लायक पानी नहीं है तो इधर.उधर से लाकर पानी पीते हैं। कई कुआं ट्यूबवेल खुदाई कर लिए पर कोई सक्सेस नहीं ठेकेदार आते जाते हैं। गर्मी में तो हर बार समस्या है हम खुद १ किलोमीटर दूर से पीने का पानी लेकर आते हैं। रहते यहां हैं पानी मंडई टेकरा से लाते हैं बाकी दूसरे छोर के लोग स्कूल मैदान में पानी लाने जाते हैं उन्हें भी ५०० मीटर की दूरी तय करना पड़ता है। यह आजकल नहीं हमेशा जाना होता है क्योंकि हमारे पास मीठे पानी के जल स्रोत गांव में नहीं है। नल जल योजना का पानी तो आज तक हमारे घर नहीं आया है कनेक्शन पहले से घर पर ठोक दिया गया है। पंचायत और विभागीय अधिकारियों से पूरे ग्रामीणों ने बात कर ली है हमेशा आश्वासन देते हैं कई पानी आ जाएगा पर होता कुछ नहीं।

ग्राम मेंं पूरी नल जल योजना शोपीस बनी हुई है-विजय राहगंडाले

ग्रामीण विजय राहगंडाले ने बताया कि हमारे यहां की जो नल जल योजना है वह आज भी बंद है पानी की समस्या अकेले मुझे नहीं पूरे गांव में है। पीने का मीठा पानी कहीं उपलब्ध नहीं है हर घर में खारा पानी आता है ५ वर्ष से बहुत ज्यादा स्थिति खराब हो गई है। हैंडपंप कुए का पानी हम लोग पीते हैं वह भी एक से दो जल स्रोत में मीठा पानी है। यह जो खारा पानी है उसमें फ्लोराइड की मात्रा बहुत ज्यादा है जिसका सीधा असर हम और हमारे बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। इसका असर दांतों के पीले पन से देखा जा सकता है ऐसे में हम शुद्ध पानी के लिए नल जल योजना से मिलने वाले पानी का इंतजार कर रहे हैं। परंतु यह इंतजार बहुत लंबा होता नजर आ रहा है वर्तमान में पूरी नल जल योजना शोपीस बनी हुई है।

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