कांग्रेस नेताओं ने एक बैठक में केंद्र सरकार के खिलाफ 21 जुलाई को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है। नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी 21 जुलाई को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश होने वाली हैं, जिसके विरोध में कांग्रेस ने राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन करने का फैसला लिया है। पार्टी की ओर से एक और अहम बैठक बुलाई गई है, जहां सभी महासचिव, प्रदेश प्रभारी और पीसीसी प्रमुख ‘भारत जोड़ो यात्रा’ और अन्य संगठनात्मक कार्यक्रमों पर चर्चा करेंगे। बैठक में शीर्ष नेता विरोध मार्च और अन्य जनसंपर्क कार्यक्रमों पर चर्चा करेंगे।
उधर 18 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र के साथ ही कांग्रेस के सांसद संसद परिसर के अंदर सरकार के इस कदम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे। बैठक के बाद कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी फाइटर हैं। वह इन चीजों से नहीं डरती हैं। उन्होंने ऐसी बहुत सी चीजें देखी हैं। वह ईडी कार्यालय जाएंगी और इस वर्तमान सरकार का सामना करेंगी।
प्रवर्तन निदेशालय ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को नेशनल हेराल्ड मामले के संबंध में पूछताछ के लिए तलब किया है, जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और पवन बंसल से पहले ही पूछताछ की जा चुकी है। इससे पहले ईडी ने पिछले महीने जून में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वायनाड के सांसद राहुल गांधी से इस मामले में पांच दिनों से अधिक समय तक पूछताछ की और उस दौरान भी कांग्रेस पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ईडी और भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के खिलाफ प्रतिशोध की राजनीति का आरोप लगाते हुए विरोध किया।
पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने ईडी के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस अधिकारियों द्वारा क्रूर व्यवहार का आरोप लगाया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि पुलिस ने कई पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की और कथित तौर पर दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में जबरदस्ती घुस गई थी।
सूत्रों के मुताबिक पार्टी ने नेशनल हेराल्ड मामले पर जनता के बीच बांटने के लिए पर्चे भी तैयार किए हैं। बैठक में राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल, एआईसीसी कोषाध्यक्ष पवन बंसल, एआईसीसी महासचिव मुकुल वासनिक, अजय माकन, रणदीप सुरजेवाला, भवर जितेंद्र सिंह और राज्यसभा सांसद और एआईसीसी दिल्ली के प्रभारी शक्तिसिंह गोहिल ने भाग लिया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सोनिया गांधी को 21 जुलाई को सुबह करीब 11 बजे अपने मुख्यालय में जांचकर्ताओं के सामने पेश होने को कहा गया है। सोनिया गांधी को ताजा समन तब जारी किया गया था, जब वह पहली बार नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 8 जून को पेश नहीं हो सकीं, सोनिया गांधी इस दौरान कोविड-19 संक्रमण से जूझ रहीं थीं।









































