सोनेवानी संघर्ष समिति  ने प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

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सोनेवानी अभ्यारण संघर्ष समिति वारासिवनी के द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम एक ज्ञापन १० अप्रैल को प्रभारी तहसीलदार सुश्री प्रतिभा पटेल को सौंपा गया हैद्ध जिसमें उनके द्वारा यह मांग की गई की वारासिवनी व लालबर्रा क्षेत्र से जुड़े सोनेवानी को  अभ्यारण क्षेत्र घोषित किया जाये। सोनेवानी संर्घष समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि इस हिस्से को अभ्यारण बना दिया जायेगा तो निश्चित ही राजस्व की बढ़ोत्तरी के साथ पर्यटको का आना जाना लगा रहेगा। इस अवसर पर ज्ञापन सोँपने वालो में अभिषेक सुराना, झॉमसिंह भगत, महेश्वर बिसेन, राजा चौरसिया, अशफाक खान, सिकंदर मिश्रा, मनीष खंडेलवाल, सौरभ पटेल, सुधीर शर्मा, कैलाश दुल्हानी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

सोनेवानी को अभ्यारणा का दिया जाये दर्जा – कैलाश

इस संबंध में सोनेेवानी अभ्यारण समिति के सक्रिय पदाधिकिारी कैलाश दुल्हानी ने बताया कि वालाघाट जिला वन से परिपूर्ण जिला है जहां वन्य जीव विचरण करते है। ऐसे में हमारे द्वारा यह मांग की जा रही है कि इस सोनेवानी ग्राम को अभ्यारण का दर्जा दिया जाये और समुचित सुविधा प्रदान की जाये। यह देखने लायक स्थान है जहां बाघ, चीतल, नील गाय, भालू सहित अन्य वन्य जीव उपस्थित है। ऐसे में अगर अगर सोनेवानी को अभ्यारण का दर्जा दिया जाये तो निश्चित ही बाहर व लोकल के लोग इस ग्राम का अवलोकन करेंगे और वन्य प्राणियों को देख सकेंगे साथ ही हमारे राजस्व में भी बढ़ोत्तरी होगी वही कई लोगों को रोजगार प्राप्त होगा।

हम चाहते है कि वन्य जीव रहे सुरक्षित -सिकंदर

सोनेवानी संघर्ष समिति के अध्यक्ष सिकंदर मिश्रा ने पद्मेश को बताया कि हमारा यह संघर्ष वन्य प्राणीयों को बचाने के लिये चलाया जा रहा है। हमारा उद्देश्य है कि वर्तमान में देश के प्रधानमंत्री ने इ स मामले में संज्ञान लिया है। उन्होने राज्य सरकार को इस मामले में विशेष कदम उठाने की बात कही है। सोनेवानी जंगल में बड़ी संख्या में बाघ है जो हमारी धरोहर है जिनका संरक्षण व सुरक्षा करना हमारा दायित्व है। ऐसे में हमने प्रधानमंत्री श्री मोदी के नाम एक ज्ञापन सौंपा है और उनसे अपील की है कि सोनेवानी को अभ्यारण का दर्ज दिया जाये। जिससे इस क्षेत्र में आने वालो से राजस्व बढ़ेगा वही लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

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