हमास ने बंधकों को ऐसे बिल में छिपाया, ढूंढने में इजरायली सेना के छूटे पसीने, हताश हो रहे सैनिक

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इजरायल ने गाजा में जारी अपने सैन्य अभियान के बारे में बार-बार दोहराया है कि उसका मकसद हमास को खत्म करना और बंधकों को छुड़ाना है। 70 दिन से ज्यादा से चल रही इस लड़ाई में इजरायल ने हमास के सैकड़ों ठिकाने नष्ट करने और उसके कई कमांडरों को मार गिराने की बात कही है लेकिन दूसरे मकसद यानी बंधकों को छुड़ाने में उसके हाथ खाली रहे हैं। इजरायली सेना लगातार कोशिश के बावजूद अभी तक एक भी बंधक को खोज नहीं सकी है। हमास की ओर से जो भी बंधक छोड़े गए हैं, वो सीजफयार के समझौते के तहत छोड़े गए हैं।

यरुशलम पोस्ट ने इजरायली सेना से जुड़े एक सूत्र के हवाले की गई रिपोर्ट में कहा है कि इजरायल की सेना में हताशा बढ़ रही है। इसी का नतीजा है कि शुक्रवार को बंधकों पर ही सेना ने गोली चलाकर तीन लोगों को मार डाला। रिपोर्ट में कहा गया है कि जिस शजैया क्षेत्र में ये घटना हुई, वहां बंधकों के होने की सूचना पर ही इजरायली सेना ने अभियान तेज किया था। घटना के बाद भी आईडीएफ ने व्यापक जांच की लेकिन कोई बंधक नहीं मिल सका। गाजा में कई सुरंगों को नष्ट करने और हमास के संभावित ठिकानों को तबाह कर देने के बावजूद आईडीएफ का खाली हाथ रहना उसकी हताशा बढ़ा रहा है।

खुद को खाली हाथ पा रहे इजरायली सैनिक

रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल के जमीनी और हवाई अभियान में गाजा में भारी तबाही हुई है। इमारतें गिरा दी गई हैं और लोगों ने दूसरे स्थानों पर शरण ली है। इजरायल की सेना उत्तर के बाद दक्षिण गाजा में भी लगातार आगे बढ़ी है लेकिन अपने घोषित लक्ष्यों में वह पिछ़ड रही है। 70 दिन में भी बंधकों का कोई सुराग ना मिलने से इजरायली सैनिकों को लग रहा है कि शायद उनके लिए ये संभव नहीं है। इससे सेना की टुकड़ियों में हताशा बढ़ रही है।

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