आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओ सहायिकाओ ने दिया अल्टीमेटम

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पोषण ट्रैकर एप के लिए एंड्राइड मोबाइल दिए जाने और महिला एंव बाल विकास विभाग द्वारा लागू की गई नई  यूनिफॉर्म में संशोधन किए जाने की प्रमुख मांग को लेकर सोमवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं/ सहायिकाओं ने कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपा. मध्य प्रदेश बुलंद आवाज नारी शक्ति आंगनबाड़ी कार्यकर्ता /सहायिका संगठन के बैनर तले सौपे गए इस ज्ञापन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं/ सहायिकाओं ने लागू की गई नई यूनिफॉर्म को पहनने में अपमानित महसूस होने की बात कही, तो वहीं उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा तय की गई लाल रंग की यूनिफॉर्म में संशोधन किए जाने की गुहार लगाई. जिसमें उन्होंने यूनिफॉर्म संशोधन होने तक पुरानी पीली रंग की ड्रेस पहनने की अनुमति दिए जाने की मांग की.इसके अलावा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं सहायिकाओं को पोषण ट्रैकर एप में कार्य करने में आ रही विभिन्न परेशानियों का हवाला देते हुए दिसंबर 2021 में जारी किए गए बजट के तहत समस्त कार्यकर्ताओं को एंड्राइड मोबाइल दिए जाने की मांग की. जिसमें उन्होंने अपनी इन दोनों मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की गुहार लगाते हुए 7 दिनों के भीतर मांग पूरी ना होने पर, काम बंद हड़ताल किए जाने की चेतावनी दी है।
 7 दिनों में मांग पूरी नहीं हुई तो काम बंद हड़ताल करेंगे- योगिता कावड़े
ज्ञापन को लेकर की गई चर्चा के दौरान मध्य प्रदेश बुलंद आवाज नारी शक्ति आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संगठन जिला अध्यक्ष योगिता कावडे ने बताया कि पिछले वर्ष हमने कोर्ट में एक याचिका लगाई थी उसकी सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार और भोपाल संचनालय ने एंड्राइड मोबाइल के लिए बजट जारी किया था. यह बजट दिसंबर 2021 में आ चुका है सभी जिलों में बजट होने के बावजूद भी अब तक हमें एंड्राइड मोबाइल नहीं दिए गए हैं. जिससे पोषण ट्रैकिंग एप लॉगइन करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इस ऐप के लिए हमें पर्सनल डाटा, पर्सनल फोटो, पर्सनल मोबाइल नंबर आदि डिलीट करने पड़ रहे हैं तो वही अधिकारी सुपरवाइजर मैडम सब हम पर एप के कार्य को लेकर दबाव बना रहे हैं.लेकिन मोबाइल ना होने के चलते हमें भारी दिक्कतें आ रही है. इस ज्ञापन के माध्यम से हमने एंड्राइड मोबाइल दिए जाने की मांग की है. इसके अलावा पूर्व मंत्री इमरती  देवी मैडम ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहायिकाओं के लिए लाल कलर की ड्रेस तय की थी. उन्हीं के हिसाब से हमारी ड्रेस अब बदलने वाली है. लेकिन हम उस ड्रेस को पहनने में अपमानित महसूस कर रहे हैं. क्योंकि जो ड्रेस आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहायिकाओं के लिए चयनित की गई है. वह ड्रेस अपने सर मैं लाइट रखकर शादी विवाह में चलने वाली महिलाओं के साथ साथ , होटलो में काम करने वाली महिलाएं भी वही ड्रेस पहनती हैं.अब हमें भी वही ड्रेस पहनाई जा रही है. इससे हममे और उनमें कोई फर्क नहीं रहेगा. हम चाहते हैं कि हमारी पोशाक अलग की जाए, ऐसी पोशाक दी जाए जो सबसे हटके हो और उसकी अलग पहचान बने, जिस तरह पुलिस और चिकित्सकों की ड्रेस होती है उसी तरह किसी अलग प्रकार हमें ड्रेस दी जानी चाहिए. ताकि गांव और वार्डों में हमारी एक अलग पहचान बन सके. हमने ज्ञापन के माध्यम से यह भी मांग की है कि जब तक के हमारी पोशाक में संशोधन नहीं हो जाता, तब तक के लिए जो पूर्व में हमें ड्रेस दी गई थी पिंक कलर वाली उसी को पहनने की अनुमति दी जाए अपनी.इसी मांग को लेकर आज हमने ज्ञापन सौंपा है जिसमें शासन प्रशासन को 7 दिनों की मोहलत दी गई है. यदि इन 7 दिनों के भीतर हमारी मांग पूरी नहीं होती तो हम काम बंद कर हड़ताल शुरू कर देंगे।

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