आंतरिक मूल्यांकन और प्रायोगिक परीक्षाओं के अंकों में त्रुटि सुधार 31 मार्च तक करा सकते हैं, माशिमं ने जारी किए दिशा-निर्देश

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माध्यमिक शिक्षा मंडल(माशिम) की ओर से आयोजित दसवीं व बारहवीं कक्षा के आंतरिक मूल्यांकन व प्रायोगिक परीक्षाओं के अंकों में त्रुटि सुधार के लिए 31 मार्च तक का समय दिया गया है। मंडल के पास स्कूलों ने आनलाइन अंक भरे गए हैं, उसमें कई गलतियां पाई गई हैं। यही कारण है कि मंडल ने आदेश जारी कर आंतरिक मूल्यांकन व प्रायोगिक परीक्षाओं के अंकों में आनलाइन त्रुटि सुधार के लिए निर्देश जारी किए हैं। विद्यार्थियों ने कई विषयों में भरे गए गलत अंक को सुधार करने के स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं। अगर किसी स्कूल ने किसी विद्यार्थी के गलत विषय में अंक भेज दिया है या किसी के रौल नंबर में गड़बड़ी है तो सुधारने का मौका दिया गया है। मंडल ने सभी प्राचार्यों व केंद्राध्यक्षों को तय समय के अनुसार प्रायोगिक परीक्षाएं संपन्न कराकर अंकों की आनलाइन प्रविष्टि कराकर संशोधन कराने के निर्देश दिए गए हैं। बता दें, कि दसवीं व बारहवीं की प्रायोगिक परीक्षाएं नियमित विद्यार्थियों की 12 फरवरी से 25 मार्च तक चलेंगी। वहीं स्वाध्यायी विद्यार्थियों की प्रायोगिक परीक्षाएं 17 फरवरी से 20 मार्च तक आयोजित की जाएंगी।

निम्‍नानुसार सुधार के लिए दिया गया अवसर

-आंतरिक मूल्यांकन एवं पर्यावरण अध्ययन में गलती सुधार की सुविधा संबंधित स्कूल के लागिन में केवल एक बार उपलब्ध रहेगी।

-प्रायोगिक परीक्षा के अंकों में त्रुटि सुधार की सुविधा जिले की समन्वय संस्था प्राचार्य के लागिन में उपलब्ध रहेगी। त्रुटि सुधार के लिए बाहरी परीक्षक एवं सबंधित संस्था प्राचार्य का प्रमाणीकरण आवश्यक होगा।

-विषय सुधार संबंधी प्रकरणों में यदि विषय सुधार के बाद अांतरिक मूल्यांकन में अंकों को भरने में सही विषय प्रदर्शित नहीं हो रहा है, तो त्रुटिपूर्ण विषय में अंकों को भरा जा सकता है। ऐसी स्थिति में त्रुटिपूर्ण विषय में भरे गए अंकों को सुधार कराए गए विषय के अंक मान्य किए जाएंगे।

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