आकाश में छाई बदली से किसान चिंतित

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वारासिवनी खैरलांजी क्षेत्र में बीते कुछ दिनों से आकाश में बादली छाने और तेज धूप की किरण के निकलने का क्रम लगातार चल रहा है। ऐसे में बे मौसम होने वाली बारिश की संभावना से किसान एवं सेवा सहकारी समिति के अधिकारी भी चिंतित दिख रहे हैं। जिनके द्वारा खरीदी की गई किसानों की उपज को व्यवस्थित करने तो वही किसानों के द्वारा अपनी उपज की सुरक्षा करने के लिए चिंता व्यक्त की जा रही है। इसी कड़ी में नगर से समीपस्थित ग्राम थानेगांव सेवा सहकारी समिति के द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य ग्राम पंचायत सिकंदरा के पंचायत भवन के पास में किया जा रहा है। जहां पर समय रहते परिवहन ना होने के कारण आ रहे किसानों की धान खरीदी करने के साथ ही खरीदी की गई उपज को सुरक्षित रखने की समस्या उत्पन्न हो रही है। ऐसे में दूर दराज से आ रहे किसानों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

किसानों को बारदाना ना देकर व्यवस्था में जुटी समिति

नगर में 5 जनवरी की सुबह से बदली छाई हुई थी ऐसे में शासन को उपज देने पहुंच रहे किसने की समस्या तब हो गई जब समिति के द्वारा बारदाना का वितरण रोककर खरीदी की गई उपज को सुरक्षित करने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया। इस दौरान किसान अपनी उपज लेकर केंद्र के परिसर में खड़े रहे ऐसे में कुछ किसानों को आनन-फानन में त्रिपाल खरीदनी पड़ी तो वही कुछ किसान चिंतित होकर खरीदी की रास्ता देखते रहे। परंतु इस दौरान पूरे परिसर में खरीदी गई उपज को एकत्रित कर स्टेक लगाने का कार्य समिति के द्वारा किया जाता रहा जहाँ किसानों के द्वारा उनकी उपज जल्द खरीदी करने की मांग की जाती रही जिसमें दोपहर के बाद खरीदी प्रारंभ की गई।

11 हजार 874 क्विंटल धान केंद्र में डंप

सेवा सहकारी समिति थानेगांव में किसानों की उपज खरीदने का कार्य किया जा रहा है जहां पर 541 किसान ने पंजीयन है जिसमें 452 किसानों ने स्लॉट बुक करवाया गया है उसमे से 387 किसानों से समिति ने 14470.80 क्विंटल उपज की खरीदी 36177 बोरियों में की गई है। जिसमें से 2596.80 क्विंटल धान यानी 6492 बोरियों का परिवहन किया गया है यह परिवहन 28 दिसंबर 2023 से बंद पड़ा हुआ है। ऐसे में 11874 क्विंटल धान यानी 29685 बोरी केंद्र में डंप पड़ा हुआ है जिससे उपज देने आ रहे किसानों को अपनी उपज रखने एवं समिति को खरीदी गई उपज की सुरक्षा करने में समस्या उत्पन्न हो रही है।

किसान छबिलाल पंचेश्वर ने पद्मेश से चर्चा में बताया कि कोई व्यवस्था यहां पर दिख नहीं रही है धान की छल्ली मार कर रखी गई है जल्द धान की कट्टी मिल जाती तो हम उसका कांटा करवा कर इन्हें दे देते। यहां पर धान का भी परिवहन नहीं हो पा रहा है जिस कारण से भुगतान नहीं मिल रहा है इन्हें परिवहन की व्यवस्था करना चाहिए ताकि भुगतान किसानों को हो। यदि बारिश में हमारा धान गीला हो जाता है तो यह सूखने के लिए कहेंगे जो असंभव है इसकी भी यहां पर सुविधा होनी चाहिए की त्रिपाल से हम ढाक सके बचाव हम कर सकते हैं पर सूखा नहीं सकते।

किसान गोविंद तुरकर ने बताया कि पानी आने की पूरी संभावना है बारिश कभी भी हो सकती है इसमें किसान को फायदा नुकसान दोनों है समिति को केवल नुकसान है। किसानों का इतना खरीदा हुआ धान अव्यवस्थित रूप से रखा हुआ है इसकी व्यवस्था होनी चाहिए और जो भी व्यवस्था लगती है वह बनाई जानी चाहिए। किसानों को भुगतान नहीं हो रहा है परिवहन यदि तीव्रता से होगा तो किसानों को उसका भुगतान भी हो जाएगा वर्तमान में खेती कार्य में कार्य करने वाले मजदूरों की मजदूरी व्यापारी को रुपये देना है। किसान के पास धान के अलावा दूसरा कोई आये का स्रोत नहीं है।

खरीदी प्रभारी झनकलाल पंचेश्वर ने बताया कि धान खरीदी ठीक चल रही है किंतु परिवहन नहीं हो पा रहा है कुल खरीदी का 2596 क्विंटल धान का परिवहन हुआ है 11874 क्विंटल खरीदी गई उपज केंद्र में डंप है। हमारे पास बारिश से बचने के लिए त्रिपाल है ऐसे में बारिश की संभावना को देखते हुए परिसर में खरीदी गई धान जो रखी हुई है उसको व्यवस्थित करने का कार्य किया जा रहा है। बारदाना वितरण रोक दिया गया है मौसम को देखते हुए व्यवस्थित होते ही बारदाने वितरण कर दिए जाएंगे।

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