आचार संहिता में जब्त हुआ करोड़ों का सोना-चांदी, वापस लेने के लिए मशक्कत कर रहे व्यापारी

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प्रदेश में अक्टूबर में विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के दौरान सोना व चांदी ले जाने वालों की धरपकड़ के बाद जब्त सोना वापस लेने में व्यापारियों को आचार संहिता हटने के बाद भी मशक्कत करना पड़ रही है।

पुलिस ने मध्यप्रदेश व राजस्थान की सीमा पर सरवन थाना क्षेत्र के कुंडा चेक पोस्ट, स्टेशन रोड थाना क्षेत्र के सालाखेड़ी और बिलपांक थाना क्षेत्र के सातरुंडा चेक पोस्ट पर करीब 20 करोड़ रुपये के सोने-चांदी के जेवर जब्त किए थे। इनमें से कुंडा चेक पोस्ट पर जब्त करीब 14 करोड़ रुपये के सोने-चांदी के जेवर, सातरुंडा चेक पोस्ट पर जब्त 155 किलो चांदी में से 130 किलो चांदी तो वापस कर दी गई थी, लेकिन शेष के लिए व्यापारी अभी आयकर विभाग के चक्कर लगा रहे हैं।

दरअसल चुनाव के दौरान गठित जांच दल ने जब्त सोना-चांदी व नगदी के मामले में कार्रवाई के बाद आयकर विभाग को मामला सौंप दिया था। इधर सराफा व्यापारियों ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए चुनाव के बहिष्कार की घोषणा कर दी थी। दुकानों के बाहर बहिष्कार की घोषणा के बैनर लगने के बाद अलग-अलग स्तर पर समझाइश का दौर शुरू हुआ। तब आश्वासन दिया गया था कि आचार संहिता हटने के बाद सामान वापस मिल जाएगा। लेकिन आचार संहिता हटने के छह दिन बाद भी सराफा व्यापारियों को राहत नहीं मिली है।

दो दिन की कार्रवाई में हुई थी जब्ती

मालूम हो कि 22 से 24 अक्टूबर के बीच एसएसटी व एफएसटी टीमों ने कुंडा चेक पोस्ट से रतलाम के एक व्यापारी के वाहन से करीब 13 करोड़ 80 लाख रुपये के 16 किलो 627 ग्राम सोने और 159 किलो 800 ग्राम चांदी के जेवर जब्त किए थे। जांच के बाद यह माल रिलीज कर दिया गया

इधर, स्टेशन रोड थाना क्षेत्र की महू-नीमच हाईवे से लगी सालाखेड़ी पुलिस चौकी चेक पोस्ट पर एक वाहन में करीब साढ़े छह करोड़ रुपये के सोने-चांदी के जेवर पाए गए। ड्राइवर सहित तीन लोगों ने पूछताछ बताया कि उक्त जेवर लेकर मुंबई से इंदौर आए थे और इंदौर से डिलीवरी वाहन से रतलाम के अलावा मंदसौर व नीमच के व्यापारियों को देने के लिए जा रहे थे। उनके पास रतलाम, मंदसौर, नीमच के 30-35 व्यापारियों के नाम की रसीद भी मिली है। मामला आयकर व जीएसटी विभाग को सौंप दिया गया था।

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