आजाद अध्यापक शिक्षक संघ ने पूर्व मंत्री प्रदीप जायसवाल और विधायक पटेल को सौंपा ज्ञापन

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पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। न्यायालय के द्वारा पूरे प्रदेश में सेवा दे रहे शिक्षको के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित करने निर्देश दिए गए। जिस पर लोक शिक्षण संचनालय के द्वारा पत्र जारी भी कर दिया गया है। जिससे शिक्षकों में आक्रोश और अपने मान सम्मान को लेकर चिंतित है जिसके लिए शिक्षक संगठन लगातार आवेदन दे रहे हैं। इसी कड़ी में आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के द्वारा २२ मार्च को पूर्व मंत्री प्रदीप जायसवाल एवं क्षेत्रीय विधायक विवेक पटेल के कार्यालय में सैकड़ो की संख्या में उपस्थित होकर ज्ञापन सौंपा गया। उन्होंने ज्ञापन में बताया कि उच्चतम न्यायालय के द्वारा अन्य प्रदेश के अशासकीय याचिका में परित निर्णय को लोकशिक्षण संचालनालय भोपाल के द्वारा प्रदेश के सभी शिक्षकों पर भूतलक्षीय प्रभाव से लागू करते हुये शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता लागू की गई है। भर्ती के समय लागू सेवा शर्तों के अधीन तत्समय के प्रावधान से नियुक्त किये गये शिक्षको को ३० वर्ष की सेवा उपरांत आज सेवा में बने रहने हेतु उन पर शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने का बंधन लागू करना सेवा शर्तों का उल्लंघन है। हमारी मांग हैं की लोक शिक्षण संचालनालय के द्वारा जारी संदर्भित पत्र को निरस्त करते हुये उच्चतम न्यायालय के सिविल अपील में पारित निर्णय के विरुद्ध पुनर्विचार याचिका दाखिल की जायें। अन्यथा लोक शिक्षण संचालनालय के पत्र को तब तक स्थगित किया जायें जब तक उच्चतम न्यायालय की सिविल अपील में पारित निर्णय के विरुद्ध उ .प्र. सहित अन्य प्रदेश शासन के द्वारा दाखिल पुनर्विचार याचिका पर न्यायालय द्वारा निर्णय पारित नहीं किया जायें।

शिक्षकों में दिखा आक्रोश

करीब एक सैकड़ा शिक्षक शिक्षिकाएं रविवार को आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के नेतृत्व में पूर्व मंत्री प्रदीप जायसवाल को ज्ञापन देने भाजपा कार्यालय एवं विधायक विवेक पटेल को ज्ञापन देने उनके जनसंपर्क कार्यालय पहुंचे। जहां पर शिक्षक शिक्षिकाओं के अंदर आक्रोश देखने को मिला जहां उन्होंने बताया कि शासन के द्वारा शिक्षकों को सवंर्ग में बाटकर रखा वर्ष २०१८ में नया संवर्ग लाकर सभी की वरिष्ठता समाप्त कर दी। २००४ के पहले के नियुक्त शिक्षक की वरिष्ठता समाप्त करने के साथ पेंशन व अन्य सुविधाएं से भी वंचित कर दिया गया। अब शिक्षकों को पात्रता परीक्षा देने के लिए मजबूर किया जा रहा है सभी शिक्षक १५ से २० वर्ष से अपनी सेवा दे रहे हैं। यह परीक्षा हमारे मान सम्मान और प्रतिष्ठा पर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर रही है सहित अनेक विषय को लेकर आक्रोश व्यक्त किया जाता रहा।

अतिशीघ्र पुनर्विचार याचिका दायर करें प्रदेश सरकार-अरविन्द पारधी

अरविंद पारधी ने बताया कि आजाद अध्यापक शिक्षक संघ पूरे प्रदेश में ज्ञापन दे रहा है। अभी एक आदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा देने जारी हुआ है जबकि उसमें अन्य राज्य सरकार पुनर्विचार याचिका में जा रही है मध्य प्रदेश लोक शिक्षण संचनालय ने आदेश जारी कर दिया है। ऐसे में मध्य प्रदेश में वर्ष १९९८ से २००९ तक लगा शिक्षक कैसे परीक्षा देगा, शिक्षक का काम परीक्षा लेना है यदि सरकार अपने आपको शिक्षको और कर्मचारी हितैषी समझती है तो वह अभिलंब यथाशीघ्र सुप्रीम कोर्ट में अन्य राज्यों की तरह पुनर्विचार याचिका दायर करें। इसी के साथ हमने पदोन्नति प्राप्त माध्यमिक शिक्षकों की लंबित क्रमोन्नति हड़ताल का लंबित वेतन और नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता देने की भी मांग की है।
इनका कहना हैं

आप लंबे समय से सेवा में है यह मांग जायज है अनुभव खरीद नहीं मेहनत से पाया जाता है। पुरानी पेंशन से ध्यान हटाने सरकार ने याचिका नहीं लगाई है और उनकी मंशा भी नहीं दिख रही है। विधानसभा में हम यह बात रखेंगे मैं और मेरा दल आपके समर्थन में है।

विवेक पटेल विधायक वारासिवनी

आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शिक्षक कार्यालय में उपस्थित होकर ज्ञापन सौंपा है। उनकी भावनाओं से प्रदेश सरकार को अवगत कराने पत्र लिखा जाएगा हम शिक्षकों की भावनाओं का सम्मान करते है। साथ ही जल्द से जल्द प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर प्राथमिकता से उन्हे अवगत कराया जायेगा।

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