आदिवासी गोवारी समाज ने फूंका समाजसेवी राजेश पाठक का पुतला

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आदिवासी गोवारी समाज को भगवान श्रीकृष्ण का वंशज बताए जाने से गोवारी समाज के लोगों में समाजसेवी राजेश पाठक के खिलाफ आक्रोश व्याप्त हो गया है। आदिवासी गोवारी समाज संगठन के पदाधिकारियों ने मंगलवार की दोपहर में स्थानीय कालीपुतली चौक में एकत्रित होकर समाजसेवी राजेश पाठक का पुतला फूंका और आक्रोश जताते हुए राजेश पाठक के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराने की बात भी कही है।

गोवारी समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि 23 नवंबर को वारासिवनी विधानसभा के नवेगांव ख में गोवारी समाज के कार्यक्रम में समाजसेवी राजेश पाठक सम्मिलित हुए थे, जिसमें उन्होंने अपना उद्बोधन देते हुए गोवारी समाज को भगवान श्री कृष्ण का वंशज बताया था। जबकि गोवारी समाज श्रीकृष्ण का वंशज नहीं है यह तो चरवाहे का काम करता है।

पुतला दहन के दौरान आदिवासी गोवारी समाज संगठन के प्रदेश अध्यक्ष महेश सहारे ने बताया कि राजेश पाठक जो कि भाजपा के विशेष आमंत्रित सदस्य है नवेगांव में हुये गोवारी समाज के कार्यक्रम में संबोधित कर गोवारी समाज को ही उन्होंने अपमानित करने का काम किया है, इससे मध्यप्रदेश के आदिवासी गोवारी समाज में बहुत आक्रोश व्याप्त है। उसी आक्रोश के तहत गोवारी समाज ने आज पुतला दहन किया है और आगामी दिनों में थाने में जाकर एफआईआर भी दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राजेश पाठक अपने समाज के बारे में बताएं हमारे समाज का इतिहास बताने की जरूरत नहीं है। गोवारी जाति अनुसूचित जनजाति में आती है षड्यंत्र करके गोवारी जाति को श्रीकृष्ण का वंशज बताया जा रहा है, गोवारी जाति श्रीकृष्ण का वंशज नहीं है भगवान श्रीकृष्णा राजा महाराजा के घर के है और गोवारी समाज का काम तो गाय चराने का रहा है। राजेश पाठक ने गोवारी समाज में गलत जानकारी देने का काम किया, अगली बार जब भी किसी भी समाज के कार्यक्रम में जाए तो उस समाज के इतिहास को जानने के बाद ही बोले।

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