पद्मेश न्यूज। वारासिवनी/रामपायली। शासन गांव को शहरों से सीधे जोडऩे के लिए अनेक अनेक योजनाओं के अंतर्गत सडक़ निर्माण लाखों रुपये की लागत से लगातार करवा रही है और अनेक स्थानों में कार्य हो भी रहे। लेकिन अधिकांश मार्गो में आज भी भ्रष्टाचार अपने चरम सीमा को लांघकर भ्रष्टाचार की कहानी खुद बयां कर रहा है । परंतु इस पर अंकुश शासन लगाने में अक्षम साबित हो रही है। वारासिवनी खैरलांजी विधानसभा क्षेत्र में अनेक सडक़ों के निर्माण किये जा रहे है, कहीं सडक़ों की लंबाई कम हो जाती है तो सडक़ की गुणवंता में ही हेरफेर कर बनाई जाती है । ऐसा ही सिलसिला बदस्तूर यथावत जारी है जिस पर ठोस कार्रवाई सकारात्मक पहल का सदैव अभाव देखने सुनने आसानी से मिल जाता है। जनपद पंचायत वारासिवनी के जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक १२ के अंतर्गत आमगांव से बरबसपुर मार्ग का घटित हुआ है जहां सवा किलोमीटर सडक़ लाखों रुपए की लागत से सडक़ निर्माण रात के अंधेरे में कर सडक़ खुद भ्रष्टाचार की कहानी बयां कर रही है। जिस पर अधिकारियों का ध्यान नही जाना शर्मसार जान पड़ता है ,७२ लाख की लागत से बनी यह रोड़ रात के अंधेरे में कब निर्माण कर ली गई ग्रामीणों को भी इसकी भनक नहीं लग पाई। १५ दिवस पूर्व रात के अंधेरे में १.२५ कि.मी. कि इस रोड़ का निर्माण एजेंसी लोक निर्माण विभाग संभाग क्रमांक एक बालाघाट के द्वारा किया गया। ग्रामीणों ने बताया कि एक ओर शासन भ्रष्टाचार जड़ से मिटाने का जोर शोर से हल्ला करती है ,वहीं भ्रष्टाचार अपनी जड़ों को इतनी मजबूत कर साम्राज्य स्थापित करना चाहता है। जिसे शासन चाह कर भी अंकुश नहीं लग पा रही है जो जांच का विषय है। प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के अंतर्गत आमगांव से बरबसपुर मार्ग आमगांव से लक्ष्मी प्रसाद उपवंशी के खेत तक मार्ग लंबाई १.२५ किलोमीटर का निर्माण १५ दिवस पूर्व ७२ लाख रुपये की लागत से १३/०९/२०२३ को स्वीकृत किया गया था। जिसका निर्माण १५ दिवस पूर्व रात के अंधेरे में ऐसा किया गया कि मार्ग ने १५ दिन में ही भ्रष्टाचार की कलई खोलकर रख दिया है। मार्ग को देखने से कहीं से ऐसा लगता नहीं की इस मार्ग पर काम किया गया होगा । जिला पंचायत सदस्य श्रीमती गीता हनवत ने ग्रामीणों की शिकायत पर इस मार्ग का निरीक्षण किया तो पाया कि इसमें भारी भ्रष्टाचार का बोलबाला सर चढक़र बोल रहा है। जिस पर जिला प्रशासन की नकेल ना कसा जाना शर्मशार जान पड़ता है एक ओर शासन पारदर्शिता से काम करने की सौगंध खाते भुलती नहीं दूसरी ओर जिला प्रशासन के नाक के नीचे खुला भ्रष्टाचार का खेल अवैध रूप से लगातार जारी है । जिला पंचायत सदस्य श्रीमती गीता हनवत ने चर्चा मेें बताया कि उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को फ ोन लगाया तो पहले तो फ ोन उठाया नहीं गया और जब उठाया गया तो उन्हें मालूम ही नहीं है कि सडक़ पर खुला भ्रष्टाचार का खेल खेला गया है। जिस पर क्या कार्रवाई की जाएगी उससे अधिकारियों का मुंह फेर लिया जाना बड़ी मिली भगत को संकेत करता है । श्रीमती हनवत ने बताया कि जिला कलेक्टर को अभिलंब अपने कार्यालय से निकलकर क्षेत्र में हो रहे भ्रष्टाचार के खुला खेल पर लगाम लगाने की माहिति आवश्यकता है ताकि लगातार हो रहे भ्रष्टाचार पर नकेल कसी जाए। श्रीमती हनवत ने बताया कि मार्ग निर्माण की मांग वर्षो से की जा रही थी और जब मार्ग का निर्माण किया गया तो रात के अंधेरे में, ताकि ग्रामीण मार्ग की गुणवंता ना देख पाए । लेकिन भ्रष्टाचार की कहानी मार्ग निर्माण के १५ दिवस बाद ही स्पष्ट हो गई। मार्ग जहां कहां से भ्रष्टाचार की कलई खोलने के लिए मौजूद है, जिस पर जिला कलेक्टर को तत्काल इस मार्ग का निरीक्षण कर दोषियों को दंडित किया जाना चाहिए।










































