लोगों को उपचार में आर्थिक सहयोग करने के लिए शुरू की गई आयुष्मान योजना कई हितग्राहियों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। वार्ड क्रमांक-32 मोतीनगर में रहने वाले जनार्दन ताम्रकार पिछले दो सप्ताह से अपने हाथ और पैर का ऑपरेशन कराने के लिए अस्तपाल के बजाय सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैंं। आयुष्मान कार्ड का लाभ न मिल पाने के कारण जनार्दन अपने हाथ और पैर का ऑपरेशन नहीं करा पा रहे हैंं। मंगलवार को वह आयुष्मान कार्ड में अपने उपचार के लिए व्यवस्था करने की मांग लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। श्री ताम्रकार ने बताया कि साल 2018 में निजी काम से भोपाल जाते वक्त वो सड़क हादसे का शिकार हो गए थे, जिसमें उनके बाएं हाथ और पैर में गंभीर चोट आई थी। ऑपरेशन के बाद उनके बाएं हाथ और पैर में रॉड लगाई गई, लेकिन पिछले कुछ दिनों से उनके हाथ में पस बनने और पैर में तकलीफ बढऩे पर डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टरों ने उन्हें ऑपरेशन कराने की सलाह दी। तब उन्होंने वर्ष 2018 में ही जिला अस्पताल द्वारा बनाए गए आयुष्मान कार्ड से निजी अस्पताल में ऑपरेशन कराना चाहा। शहर के एक निजी अस्पताल ने उन्हें आयुष्मान कार्ड के तहत ऑपरेशन के लिए भर्ती तो कर लिया, लेकिन अगले ही दिन उन्हें ये कहकर डिस्चार्ज कर दिया गया कि उनका आयुष्मान कार्ड आधार कार्ड से लिंक नहीं है और उपचार करने से मना कर दिया गया। जबकि कार्ड बनाने के दौरान उनके द्वारा सभी दस्तावेज जिला अस्पताल को उपलब्ध कराए गए थे। पिछले दो सप्ताह से जर्नादन जिला अस्पताल के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कहीं से मदद नहीं मिल रही है। उन्होंने बताया कि निजी अस्पताल द्वारा जन्म तिथि एक समान न होने, नाम आधार कार्ड के अनुसार न होने और आयुष्मान कार्ड आधार से लिंक ने होने की जानकारी दी गई। ऐसे में आयुष्मान कार्ड बनाने वालों को सही जानकारी देने के बाद वह योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैंं। उन्होंने मांग की कि आयुष्मान योजना के तहत उनके हाथ और पैर के ऑपरेशन की व्यवस्था की जाए ताकि समय रहते उन्हें उपचार मिल सके।










































