ईरान और ताइवान से 40000 किलोग्राम भारतीय चाय वापस कर दी गई है। ईरान और ताइवान ने चाय में तय मात्रा से अधिक फाइटोसैनिटरी अर्थात ज्यादा मात्रा में कीटनाशक तत्वों के होने के कारण चाय को वापस लौटा दिया है।
अधिकतर चाय बागान कीटनाशकों का इस्तेमाल सरकार के दिशा निर्देश के अनुसार और टी बोर्ड द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार करते हैं। इसके बाद भी चाय की पत्तियों पर कीटनाशक का छिड़काव कब और कैसे करना है। इसकी जानकारी नहीं होने से अब आसाम की चाय निर्यात में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इससे आसाम के चाय बागानो के मालिकों और मजदूरों को तगड़ा झटका लगा है।
यूरोप के देशों ने भारत से निर्यात की गई चाय को नहीं लौटाया है। इराक और ताइवान के फैसले को लेकर इसे मुस्लिम देशों की एक साजिश भी माना जा रहा है। बहरहाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर असम की चाय में कीटनाशक तय मात्रा से ज्यादा होने की बात सामने आई है। उससे भारतीय चाय के निर्यात में रोक लग सकती है। वहीं भारत में भी चाय की खपत घट सकती है। इसको लेकर आसाम के बागान मालिक, व्यापारी और मजदूरों में चिंता बढ़ गई है।










































