शहर के भंवरकुआं क्षेत्र स्थित शासकीय नवीन आदिवासी महाविद्यालयीन बालक छात्रावास में जूनियर छात्रों की रैगिंग (मारपीट) लिए जाने और अत्यधिक प्रताड़ित करने की शिकायत मिली है। इसके बाद छात्रावास अधीक्षक मोहन मोरे को निलंबित कर दिया गया है। सीनियर छात्रों द्वारा जूनियर छात्रों को प्रताड़ित करने की जानकारी मोरे को होने के बावजूद उन्होंने समय पर वरिष्ठ अधिकारियों को इसके बारे में नहीं बताया। पीड़ित छात्रों की ओर से कलेक्टर मनीष सिंह को शिकायत मिलने के बाद उन्होंने छात्रावास अधीक्षक के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की।
छात्रावास में रह रहे जूनियर छात्रों के साथ मारपीट (रैगिंग) और अत्यधिक प्रताड़ित किए जाने जैसे संवेदनशील मामले को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। कलेक्टर सिंह ने जनजातीय कार्य विभाग तथा अनुसूचित जाति विकास इंदौर के तहत संचालित छात्रावासों की व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित करने और छात्रावास में शांतिपूर्ण वातावरण निर्मित करने के लिए एंटी रैगिंग कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी की अध्यक्ष प्रभारी सहायक आयुक्त निशा मेहरा रहेंगी। कमेटी में परियोजना अधिकारी मोहन सोनी, मंडल संयोजक विजय जायसवाल, लेखापाल कविता गुप्ता, अधीक्षक प्रदीप झा और मोती तबेला छात्रावास की अधीक्षक ज्योति जोशी सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे।
सभी शासकीय छात्रावास अधीक्षकों को चेतावनी – कलेक्टर ने सभी शासकीय छात्रावास अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे छात्रावास में सतत निगरानी करें कि छात्रों के साथ रैगिंग जैसा दुर्व्यवहार न हो। इस बात का भी विशेष रूप से ध्यान रखा जाए कि कोई भी पासआउट विद्यार्थी छात्रावास के कमरों में अवैध रूप से न रुकें। इससे छात्रावास की सीमित क्षमता के कारण पात्र छात्रों को कमरों की कमी और रैगिंग जैसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। यदि छात्रावास के कमरों में किसी भी अनधिकृत व्यक्ति का कब्जा पाया जाता है तो इसके लिए पूरी तरह छात्रावास अधीक्षक ही जिम्मेदार रहेंगे। ऐसे में उनके विरुद्ध कार्रवाई भी की जाएगी।










































