उच्च न्यायालय ने शासन से पूछा है कि जब पंचायत चुनाव ही निरस्त हो गए तो चुनाव के कारण किए गए स्थानांतरण आदेश निरस्त क्यों नहीं किए गए? जिला पंचायत आगर मालवा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा 24 दिसंबर 2021 को जारी पंचायत सचिवों के स्थानांतरण आदेश पर रोक लगाते हुए मप्र उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ ने शासन से यह सवाल पूछा है।
गौरतलब है कि पंचायत चुनाव को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने शासन से कहा था कि ग्राम पंचायतों में तीन साल से अधिक समय से एक ही जगह पदस्थ पंचायत सचिवों के स्थानांतरण किए जाएं। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत आगर-मालवा ने इस संदर्भ में 24 दिसंबर 2021 को एक आदेश जारी किया था। इसमें जिले में तीन साल से अधिक समय से एक ही जगह पदस्थ पंचायत सचिवों का स्थानांतरण कर दिया गया था, लेकिन 28 दिसंबर 2021 को राज्य चुनाव आयोग ने पंचायत चुनाव संबंधी संपूर्ण कार्रवाई को ही निरस्त कर दिया। मप्र पंचायत सचिव संगठन ने स्थानांतरण निरस्त करने के लिए अभ्यावेदन दिए लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर ग्राम पंचायत तनोडिया के पंचायत सचिव लखन सिंह ने एडवोकेट प्रसन्नाा भटनाकर के माध्यम से उच्च न्यायालय में याचिका प्रस्तुत की। इसमें कहा कि सचिवों के स्थानांतरण सिर्फ पंचायत चुनाव की वजह से किए गए थे। पंचायत चुनाव ही निरस्त हो गए तो फिर स्थानांतरण निरस्त किए जाने चाहिए। एडवोकेट भटनागर ने बताया कि कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए स्थानांतरण आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगाते हुए शासन से मामले में जवाब मांगा है।










































