जनता से करोड़ों रुपए का टैक्स वसूल करने वाली नगर पालिका प्रशासन एक ओर नगर के विकास कार्यों में बजट की कोई कमी नहीं होने देने का दावा कर रही है तो वहीं दूसरी ओर कई दिनों से नगरपालिका में खड़े खराब शव वाहन को अब तक नहीं सुधारा है। जिसके चलते नगरी क्षेत्र में किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर नगर पालिका द्वारा उसे शव वाहन तक उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। जहां किसी की मत्यु होने पर जरूरत किराए का वाहन लाकर मोक्षधाम तक शव ले जाने के लिए मजबूर हैं। इस पर अपनी आपत्ति जताते हुए विपक्षी पार्षदों ने खराब हो रहे शव वाहन मे सुधार कार्य कराने या फिर सुधारने में अधिक खर्चा आने पर नया वाहन खरीदने की मांग की है।
नपा के पास दान में दिया गया सिर्फ एक वाहन ,वह भी खराब
बताया जा रहा है कि विकास कार्यों में करोड़ों रुपए खर्च करने का दावा करने वाली नगरपालिका में स्वयं का एक भी शव वाहन नहीं है। वर्तमान में जो शव वाहन नगरपलिका के पास है वह भी दान में दिया हुआ है ,जो पिछले कई दिनों से खराब है। जहां शव वाहन की जरूरत पड़ने पर नपा द्वारा शव वाहन बिगड़ा होने का हवाला देकर शव वाहन देने से इनकार किया जाता है। जिसके चलते जरूरतमंदों को नगर पालिका की शव वाहन सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
पिछले दिनों शव वाहन ना मिलने से 6 घन्टे पड़ा रहा था अज्ञात शव
आपको बताएं कि कुछ दिन पूर्व ही बुढी रोड स्थित मेथाडिस्ट चर्च के सामने एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने पर उस शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल पहुंचाने में करीब 6 घंटों का समय लग गया था। बताया जा रहा है उक्त अज्ञात शव को जिला अस्पताल तक पहुंचाने के लिए शव वाहन नहीं मिल रहा था । जिस पर पुलिस प्रशासन द्वारा नगरपालिका बालाघाट को पत्र लिखकर शव वाहन दिए जाने का अनुरोध किया गया था, लेकिन नगरपालिका ने उस पत्र के जवाब में यह लिखकर पत्र वापस कर दिया कि नगरपालिका का शव वाहन बिगड़ा हुआ है, जिसे सुधारने के लिए भेजा गया है। जहां शव वाहन ना मिलने पर चर्च के सामने करीब 6 घंटे तक वह शव पड़ा रहा । आखिरकार पुलिस द्वारा निजी वाहन से करीब 6 घंटे बाद युक्त अज्ञात शव को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं अब भी नगरपालिका का शव वाहन पूर्व की स्थिति में खराब हालत मे खड़ा है जिसमें अब तक सुधार कार्य नहीं कराया गया है जिस पर विपक्षी पार्षदों ने आपत्ति जताई है।










































