बालाघाट/शादी का झांसा देकर लड़की का अपहरणऔर अपहरण के बाद लड़की द्वारा आत्महत्या करने के मामले में आरोपी पंकज पिता किरणलाल डहरवाल 34 वर्ष ग्राम मांझापुर थाना वारासिवनी निवासी को 5 वर्ष की कठोर कारावास सजा सुनाई गई । अनुसूचित जाति जनजाति अधिनियम के विद्वान विशेष न्यायाधीश के एस बारिया की अदालत ने इस आरोपी को 5 वर्ष की कठोर कारावास के अलावा 10हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किए हैं। इस मामले में अभियोजन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक जिला लोक अभियोजन अधिकारी कपिल कुमार डहेरिया द्वारा की गई थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना 2017 में बालाघाट नगर में हुई थी। उस समय यह लड़की बालाघाट के छात्रावास में रह कर पढ़ाई करती थी। जिसने पंकज डहरवाल के विरुद्ध छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुये कोतवाली में रिपोर्ट की थी। जहां पर पंकज डहरवाल के विरुद्ध धारा 354 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था। इसके बाद पंकज डहरवाल ने इस लड़की को छात्रावास से बिना किसी उचित कारण के अपने पास रखा हुआ था ।जिसकी सूचना पुलिस एवं उसके माता-पिता को नहीं दी थी। लड़की द्वारा आत्महत्या करने के बाद उसकी मां ने पंकज डहरवाल के विरुद्ध आरोप लगाई थी कि उसकी लड़की को पंकज डहरवाल ने बहला फुसला कर शादी का झांसा देकर अपने पास रखा हुआ था और उसे शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। जिसके कारण उसकी लड़की ने आत्महत्या कर ली। संपूर्ण मर्ग जांच में पंकज डहरवाल के विरुद्ध शादी का झांसा देकर इस लड़की को बहला फुसलाकर ले जाना और उसे आत्महत्या करने हेतु दुष्प्रेरित करना पाया गया। मर्ग जांच उपरांत पंकज डहरवाल के विरूद्ध कोतवाली बालाघाट में धारा 363 366 306 भादवि एवं धारा 3(2)(v) अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया गया था और उसे इस अपराध में गिरफ्तार करके संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियोग पत्र विद्वान अदालत में पेश किया गया था। यह मामला अनुसूचित जाति जनजाति निवारण अधिनियम की विशेष न्यायाधीश के एस बारिया की अदालत में चला। जहां अभियोजन पक्ष आरोपी पंकज डहरवाल के विरुद्ध धारा 366,306 भादवि के तहत आरोपित अपराध सिद्ध करने में सफल रहा। जिसके परिणाम स्वरुप विद्वान अदालत ने मामले की समस्त परिस्थितियों को देखते हुए अपने विवेचन निष्कर्ष और उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर आरोपी पंकज डहरवाल को धारा 366 भादवि के तहत अपराध में 5 वर्ष का कठोर कारावास और 5 हजार रुपये अर्थदंड , धारा 306 भादवि के तहत अपराध में 5 वर्ष का कठोर कारावास और 5 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किये।










































