एच3एन2 वायरस का रूस में मिला पहला केस

0

रूस में फ्लू वायरस की महामारी की बढ़ने के दौरान यहां स्वाइन फ्लू (एच3एन2) वायरस के पहले केस का पता चला है। उपभोक्ता अधिकार संरक्षण और मानव कल्याण की निगरानी के लिए रूसी संघीय सेवा-रोस्पोट्रेबनादज़ोर की प्रमुख अन्ना पोपोवा ने विभाग के बोर्ड की एक बैठक में ये घोषणा की। बोर्ड के हवाले से कहा गया कि पिछले हफ्ते देश में पहले स्वाइन फ्लू (एच3एन2 ) वायरस का पता चला था। जो मिस्र से रूस में आया मामला था। अब तक रूस में कोई अन्य स्वाइन फ्लू वायरस का मामला नहीं हैं।
खबरों के मुताबिक मौजूदी फ्लू महामारी की हालत के बारे में पोपोवा ने कहा कि देश महामारी के एक नए चरण से पहले की स्थिति में है। अक्टूबर 2021 से मई 2022 तक रूस में इन्फ्लूएंजा का प्रकोप पिछले सीजन की तुलना में काफी अधिक था। रूस में इन्फ्लूएंजा और सांस के वायरल संक्रमण की महामारी की स्थिति के मूल्यांकन के लिए वैज्ञानिक परिषद के तहत एक विशेष कार्य समूह बनाया गया है। इन्फ्लूएंजा और सांस के वायरल संक्रमण की महामारी की निगरानी के साथ-साथ इसकी देखरेख करने वाले नियमों को नए सिरे से तय करने के भी निर्देश दिए गए हैं।एच3एन2 वायरस या स्वाइन फ्लू वायरस एक गैर-मानव इन्फ्लूएंजा वायरस है जो आम तौर पर सूअरों में फैलता है और ये मनुष्यों को संक्रमित करता है।
आमतौर पर सूअरों में फैलने वाले वायरस ‘स्वाइन इन्फ्लूएंजा वायरस’ होते हैं। जब ये वायरस इंसानों को संक्रमित करते हैं, तो उन्हें ‘वैरिएंट’ वायरस कहा जाता है। 2011 में पहली बार एवियन, स्वाइन और मानव फ्लू वायरस के जीन और 2009 की एच1एन1 महामारी के वायरस के एम जीन के साथ एक विशिष्टएच3एन2 वायरस का पता चला था। यह वायरस 2010 से सूअरों में फैल रहा था और पहली बार 2011 में लोगों में इसका पता चला था। 2009 के एम जीन को शामिल करने से यह वायरस अन्य स्वाइन इन्फ्लूएंजा वायरस की तुलना में मनुष्यों को अधिक आसानी से संक्रमित कर सकता है।इन्फ्लुएंजा वायरस सूअरों से लोगों में और लोगों से सूअरों में फैल सकता है। ऐसा माना जाता है कि संक्रमित सूअरों से मनुष्यों में फैलना उसी तरह होता है जैसे मौसमी इन्फ्लूएंजा वायरस लोगों के बीच फैलता है। ये मुख्य रूप से संक्रमित सुअर के खांसने या छींकने पर बनने वाली संक्रमित बूंदों के माध्यम से फैलता है।
अगर ये बूंदें आपकी नाक या मुंह में गिरती हैं, या आप इन्हें अंदर लेते हैं, तो आप संक्रमित हो सकते हैं। संक्रमित होने का तीसरा संभावित तरीका इन्फ्लूएंजा वायरस युक्त कणों को सांस से भीतर लेना है। वैज्ञानिक वास्तव में निश्चित नहीं हैं कि प्रसार के इन तरीकों में से कौन सा सबसे आम है।इस बात के भी कुछ प्रमाण हैं कि आप किसी ऐसी चीज को छूने से संक्रमित हो सकते हैं, जिस पर वायरस है और फिर अपने मुंह या नाक को छूने से आप संक्रमित हो सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here