एम्बुलेंस में पहुंची पुलिस, भमोड़ी घाट पर अवैध रेत खनन पर दबिश,

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भमोड़ी रेत घाट पर उस समय हड़कंप मच गया, जब अचानक सायरन बजाती एक एंबुलेंस मौके पर पहुंची। पहले तो लोगों को लगा कि कोई मरीज जिंदगी और मौत से जूझ रहा है, लेकिन जैसे ही एंबुलेंस के दरवाजे खुले, अंदर से डॉक्टरों की जगह खाकी वर्दीधारी पुलिसकर्मी बाहर निकले। पुलिस की इस अनोखी रणनीति ने अवैध रेत खनन में लगे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं दिया। कुछ ही पलों में पुलिस ने पूरे घाट की घेराबंदी कर दी और कार्रवाई करते हुए 4 ट्रैक्टरों को अवैध रेत खनन करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। हालांकि मौके का फायदा उठाकर कुछ आरोपी फरार होने में सफल रहे। इस अचानक की गई कार्रवाई से घाट पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया । पुलिस की इस सिंघम स्टाइल कार्रवाई की बहुत चर्चा हो रही हैं । बताया जा रहा है कि वैनगंगा नदी क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रेत खनन की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद पुलिस ने यह रणनीति अपनाकर कार्रवाई को अंजाम दिया।

जिले में इन दिनों अवैध रेत उत्खनन और परिवहन को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। रेत घाटों के ठेके अभी नहीं होने के कारण सभी घाट प्रशासन के नियंत्रण में हैं, इसके बावजूद कुछ लोगों द्वारा चोरी-छिपे रेत निकालने और बेचने का सिलसिला जारी है। इस पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस और संबंधित विभाग लगातार कार्रवाई कर रहे हैं, लेकिन तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर बच निकलने की कोशिश कर रहे हैं। इसी कड़ी में ग्रामीण थाना पुलिस ने अवैध रेत खनन के खिलाफ एक अनोखी और फिल्मी अंदाज में कार्रवाई कर सबको चौंका दिया। पुलिस ने इस बार सीधे दबिश देने के बजाय रणनीति बदलते हुए एंबुलेंस का सहारा लिया, ताकि कार्रवाई की भनक पहले से तस्करों तक न पहुंच सके।

एंबुलेंस बनकर पहुंची पुलिस, घाट पर मचा हड़कंप

प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि भमोड़ी रेत घाट में एक साथ 20 से 25 ट्रैक्टर अवैध रूप से रेत उत्खनन में लगे हुए हैं। पूर्व में कई बार दबिश देने के बावजूद सफलता नहीं मिलने के कारण इस बार पुलिस ने अलग रणनीति अपनाई। बताया जा रहा है कि पुलिस टीम दो से तीन एंबुलेंस में सवार होकर सायरन बजाते हुए घाट की ओर रवाना हुई। एंबुलेंस को देखकर किसी को शक नहीं हुआ कि उसमें पुलिस बल मौजूद है। जैसे ही एंबुलेंस घाट पर पहुंची, अचानक वाहन रुक गए और उनमें से पुलिसकर्मी बाहर निकलने लगे। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद ट्रैक्टर चालक और मजदूरों में हड़कंप मच गया।

पुलिस को देख ट्रैक्टर लेकर भागे चालक

अचानक हुई इस कार्रवाई से घबराकर कई ट्रैक्टर चालक अपने वाहन लेकर मौके से फरार हो गए। कुछ ने तो रेत खाली कर जंगल की ओर रुख कर लिया, ताकि पुलिस की पकड़ से बच सकें। पुलिस ने मौके से कुछ ट्रैक्टरों को जब्त किया, जबकि कई वाहन चालक भागने में सफल रहे।

ड्रोन से की निगरानी, 10 ट्रैक्टर मालिकों पर कार्रवाई

इस कार्रवाई में पुलिस ने आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया। घाट पर ड्रोन कैमरे के माध्यम से निगरानी की गई और भाग रहे ट्रैक्टरों की गतिविधियों पर नजर रखी गई। ग्रामीण थाना प्रभारी रमेश जाट ने बताया कि पूर्व में जब भी पुलिस टीम घाट पर पहुंचती थी, तब तक तस्करों को सूचना मिल जाती थी और वे मौके से फरार हो जाते थे। इसी कारण इस बार गोपनीय तरीके से कार्रवाई की गई। हालांकि पूरी सफलता नहीं मिल पाई, लेकिन मौके से करीब 4-5 ट्रैक्टरों पर कार्रवाई की गई है और लगभग 10 ट्रैक्टर मालिकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है।

कार्रवाई बनी चर्चा का विषय

पुलिस की यह अनोखी कार्रवाई पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोगों का कहना है कि इस तरह की रणनीति अपनाकर ही अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। हालांकि बड़ी संख्या में ट्रैक्टर चालक पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहे, जिससे यह भी स्पष्ट होता है कि अवैध रेत खनन का नेटवर्क काफी सक्रिय और सतर्क है।

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