साइप्रस में ब्रिटेन के एयरबेस पर हुए ड्रोन हमले ने यूरोपीय देशों के कान खड़े कर दिए हैं। वे सतर्क हो गए हैं और एहतियातन अपनी तैयारी शुरू करते हुए एक्शन मोड में आ गए हैं। पहले अपना मिलिट्री बेस यूएस को देने से आना-कानी करने वाले ब्रिटेन, ग्रीस, पुर्तगाल जैसे देश साइप्रस और खाड़ी देशों की मदद करने के लिए आगे आ गए हैं।
Iran War: ईरान युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है, दिनों के बीतने के साथ यह और भीषण होता जा रहा है। ईरान के शहरों पर अमेरिका, इजरायल की बमबारी हो रही है तो ईरान भी पलटवार कर रहा है। वह खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों, तेल रिफाइनरियों एवं इजरायल पर ड्रोन एवं मिसाइलों से हमले कर रहा है। ईरान के इन हमलों से पश्चिम एशिया युद्ध से घिर गया है। 28 फरवरी को जब यह युद्ध शुरू हुआ तो इसमें केवल दो पक्ष अमेरिका-इजरायल और ईरान थे लेकिन अब इस युद्ध का दायरा बढ़ने लगा है। इसमें खाड़ी के देश, पश्चिम एशिया, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया किसी न किसी रूप में शामिल हो रहे हैं। यहां तक कि युद्ध की आहट भारत के करीब हिंद महासागर तक पहुंच गई है।
साइप्रस, खाड़ी देशों की सुरक्षा करेंगे यूरोपीय देश
साइप्रस में ब्रिटेन के एयरबेस पर हुए ड्रोन हमले ने यूरोपीय देशों के कान खड़े कर दिए हैं। वे सतर्क हो गए हैं और एहतियातन अपनी तैयारी शुरू करते हुए एक्शन मोड में आ गए हैं। पहले अपना मिलिट्री बेस यूएस को देने से आना-कानी करने वाले ब्रिटेन, ग्रीस, पुर्तगाल जैसे देश साइप्रस और खाड़ी देशों की मदद करने के लिए आगे आ गए हैं। हालांकि, इन्होंने अपने सैन्य बेस के इस्तेमाल को लेकर कुछ शर्तें रखी हैं। हालांकि, स्पेन ने कहा है कि वह इसमें शामिल नहीं होगा तो इटली का कहना है कि उसे किसी तरह का औपचारिक अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ है, फिर भी वह मदद के लिए अपने रक्षा उपकरण देगा। यहां हम खाड़ी देशों और साइप्रस की मदद के लिए आगे आने वाले देशों के बारे में बात करेंगे-
भूममध्य सागर में फ्रांस का एयरक्राफ्ट करियर
फ्रांस ने कहा है कि है कि खाड़ी देशों की सुरक्षा देने के लिए वह अपना एयरक्राफ्ट करियर चार्ल्स डी गेल को भूमध्य सागर में भेज रहा है। इस युद्धपोत पर दो हॉकेयी रडार एयरक्राफ्ट के साथ 20 राफेल फाइटर जेट तैनात हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि साइप्रस की सुरक्षा के लिए वह अलग से एयर डिफेंस यूनिट्स भेजेंगे। इलाके में राफेल जेट्स, एयर डिफेंस सिस्टम एवं एयरबोर्न रडार एयरकॉफ्ट की तैनाती की जा रही है। फ्रांस साइप्रस के तट पर अपना फ्रिगेट लैंग्वेडोक पहले ही तैनात कर चुका है। इस फ्रिगेट पर एस्टर मिसाइल लगी हैं। इन मिसाइलों ने दिसंबर 2023 में ईरान के प्रॉक्सी हूथी द्वारा छोड़े गए ड्रोन मार गिराए थे। उस समय हूथी विद्रोही लाल सागर में मालवाहक जहाजों पर हमले कर रहे थे।









































