एसटी एसटी छात्रवृत्ति न मिलने से विद्यार्थी परेशान

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अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं को बीते वर्ष 2022-23 की छात्रवृत्ति का वितरण आदिम जाति कल्याण विभाग के द्वारा नहीं किया गया है। जिससे विद्यार्थी परेशान है जो लगातार कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। इसी कड़ी में वारासिवनी विकासखंड अंतर्गत भी करीब 1400 विद्यार्थी है जो लगातार अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति की छात्रवृत्ति के लिए विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय वारासिवनी के चक्कर लगा रहे हैं। तो वहीं कुछ छात्र-छात्राओं के द्वारा सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत की गई है परंतु उसका भी वर्तमान तक निराकरण नहीं हो पाया है। विद्यार्थियों को 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होने के बाद भी छात्रवृत्ति न मिलने से उन्हें आगे की शिक्षा अध्ययन करने में काफी परेशानी हो रही है जो लगातार कार्यालय के चक्कर लगाकर जल्द उन्हें छात्रवृत्ति देकर समस्या का निराकरण करने की मांग कर रहे हैं।

8 महीने बीत जाने के बाद भी नही मिली छात्रवृत्ति

शैक्षणिक सत्र वर्ष 2022-23 के छात्र-छात्राओं ने करीब 8 महीने पहले कक्षा 12वीं उत्तीर्ण कर ली है जिसमें अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को उनकी छात्रवृत्ति पहले ही प्राप्त हो गई थी। जिसमें अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं को वर्तमान तक छात्रवृत्ति उपलब्ध नहीं कराई गई है। ऐसे विद्यार्थियों के द्वारा कक्षा 12वीं उत्तीर्ण करने के उपरांत शासकीय महाविद्यालय एवं विभिन्न निजी महाविद्यालय में आगे की शिक्षा अध्ययन करने के लिए एडमिशन ले लिया गया है। जहां पर उन्हें फीस या अन्य कार्यों के लिए रूपों की आवश्यकता लग रही है ऐसे में गरीब निर्धन परिवार के लोग छात्रवृत्ति का रास्ता देख रहे हैं कि यदि यह जल्द मिल जाती है तो उन्हें थोड़ी आर्थिक सहायता हो जाएगी जिसके कारण उनकी शिक्षा बाधित नहीं होगी। परंतु अधिकारियों के द्वारा प्रत्येक बार जल्द छात्रवृत्ति देने का आश्वासन दिया जा रहा है जिससे विद्यार्थियों के साथ उनके पलक भी परेशान है।

क्षेत्र के करीब 1400 विद्यार्थी है वंचित

शासन के द्वारा विशेष छात्रवृत्ति योजना संचालित की जा रही है जिसमें अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं को विशेष रूप से छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जाती है। जिन्हें आदिम जाति जनकल्याण विभाग की ओर से यह छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जाती है परंतु पिछले शैक्षणिक वर्ष के अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं को शैक्षणिक वर्ष समाप्त हुए 8 महीने बीत जाने के बाद भी छात्रवृत्ति उपलब्ध नहीं कराई गई है। वारासिवनी विकासखंड अंतर्गत अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति के करीब 1400 छात्र छात्राएं है जो अपनी छात्रवृत्ति का इंतजार कर रहे हैं जिन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन्हें आदिम जाति जनकल्याण विभाग के द्वारा एमपी टास्क के माध्यम से छात्रवृत्ति दी जानी है जिसको लेकर छात्रवृत्ति वितरण में देरी होना बताया जा रहा है। वह विद्यार्थी वर्तमान तक छात्रवृत्ति से वंचित है जो अधिकारियों के आश्वासन पर छात्रवृत्ति की राह देख रहे हैं।

छात्र राहुल नंदागौली ने बताया कि हमारी छात्रवृत्ति अभी तक नहीं आई है 12वीं की कक्षा में जो हमें छात्रवृत्ति मिलना था वह हमें नहीं मिल पाई है यह छात्रवृत्ति हमें राज्य सरकार के द्वारा दी जाती है। कितनी छात्रवृत्ति हमें मिलेगी इसकी स्पष्ट जानकारी तो नहीं है किंतु 5000 रुपए करीब यह छात्रवृत्ति हमारी बनती है। कक्षा 12वीं से उत्तीर्ण हुए हमें 8 महीने हो गए हैं परंतु यह छात्रवृत्ति अभी तक हमें नहीं मिल पाई है जिसको लेकर हम लगातार शिक्षा विभाग के विभिन्न कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। इसी के लिए हम विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय आए थे जहां पर हमारी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ बस घूम रहे हैं हमें छात्रवृत्ति जल्द दी जानी चाहिए क्योंकि हम जैसे सभी निर्धन छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति की आवश्यकता होती है।

छात्र सौम्य उके ने बताया कि छात्रवृत्ति नहीं आने के कारण 8 महीने से हम विद्यार्थी परेशान है लगातार शासकीय कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं और इसके संबंध में हमने सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत की है किंतु निराकरण नहीं हो पाया है। जिसके लिए हम विकासखंड शिक्षा अधिकारी के पास आए हुए थे तो उन्होंने भी कहा कि एमपी टास्क के माध्यम से आप लोगों को छात्रवृत्ति मिलेगी जिसमें समय लगेगा वर्तमान में हम महाविद्यालय में शिक्षा अध्ययन कर रहे हैं जहां पर एडमिशन तो ले लिया है परंतु उसमें भी फीस लगती है। हमारी अन्य आवश्यकता है जिसमें हमें रुपए की जरूरत होती है हम गरीब लोग हैं 5000 रुपये की छात्रवृत्ति हमें मिलती है। हम इंतजार कर रहे हैं और कार्यालय में आओ तो यह भी कह रहे हैं कि इंतजार करो अब 8 महीने से तो हम इंतजार ही कर रहे हैं यदि हमें छात्रवृत्ति मिल जाती थोड़ी सहायता होती।

विकासखंड शिक्षा अधिकारी आरएस मर्सकोले ने बताया कि पिछले वर्ष की छात्रवृत्ति वर्ष 2022-23 कि यह अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं को नहीं मिली है। इनकी छात्रवृत्ति एमपी टास्क के माध्यम से व्यवस्था शासन द्वारा करवाई जा रही है जिसमें छात्र-छात्राओं का अपडेशन हो रहा है वेरीफाई करवाया जा रहा है। जिसमें छात्र-छात्राओं ने भी अपना वेरीफाई करवाया है कुछ बच गए हैं जैसे ही कार्य पूरा होगा तो छात्रवृत्ति का वितरण हो जाएगा। प्रक्रिया वर्तमान में शासन स्तर पर प्रचलन में है प्रदेश में आदर्श आचार संहिता के कारण कार्य रुका हुआ था एक दो महीने में इन्हें छात्रवृत्ति मिल जाएगी। यह आदिम जाति जनकल्याण विभाग के द्वारा एमपी टास्क प्रक्रिया अपनाई गई है जिससे छात्रवृत्ति देना है और करीब हमारे यहां लगभग 1400 छात्र-छात्रा आए हैं।

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