शासकीय शंकर साव पटेल महाविद्यालय में 10 अप्रैल को ओबीसी महासभा छात्र मोर्चा के पदाधिकारी सदस्यों ने छात्र छात्राओं के साथ मिलकर प्राचार्य से मुलाकात की गई। जिसमें परीक्षा परिणामों में सुधार किए जाने की मांग करते हुए विभिन्न विषयों पर विस्तार पूर्वक चर्चा की गई। इस दौरान छात्रा काजल ने बताया कि उनके परीक्षा परिणाम में सुधार होना चाहिए। ऐसी स्थिति सभी छात्र छात्राओं के साथ है। परीक्षा परिणाम में मूल समस्या सीसीई के नंबर है जो कम दिए गए हैं। कई ऐसे छात्र है जो रोजाना महाविद्यालय आते हैं परीक्षा भी उनके द्वारा इमानदारी से दी गई है पर उन्हें पेपर में फेल कर दिया गया है या अनुपस्थित बताया जा रहा है। जिसका मुख्य कारण छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय है जिसके लिए वह विश्वविद्यालय जायेगे प्राचार्य से चर्चा की गई तो वह कहते हैं कि हमारी इसमें गलती नहीं है। वही सौरभ लोधी ने बताया कि इस प्रकार से परीक्षा परिणाम खराब होने की छात्र-छात्राओं की समस्या पहले वर्ष की नहीं है। 2 वर्ष पूर्व से यहां सभी विसंगतियां समस्त संकाय के तीनों वर्ष के छात्र-छात्राओं की है जिनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। दिसंबर में हमने विश्वविद्यालय का घेराव कर कुलपति व पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की चर्चा की थी जिसके बाद 1400 छात्र छात्राओं का रिजल्ट सुधारा गया था। अभी फिर बीए और बीएससी प्रथम वर्ष का रिजल्ट आया है जिसमें छात्र-छात्राओं की शिकायतें हैं कि सीसीई में सही नंबर नहीं दिए गए कहीं अनुपस्थित दर्शा दिया गया है। जिसके लिए हम ओबीसी महासभा छात्र मोर्चा के माध्यम से प्रयास कर रहे हैं और रणनीति बना रहे हैं कि आने वाली 13 अप्रैल को छात्र-छात्राओं का दल छिंदवाड़ा रवाना होगा जहां विश्वविद्यालय का घेराव किया जायेगा। हमारी मांग है कि परीक्षा परिणामों की पुनः जांच करें और कहीं ना कहीं इसके लिए प्रदेश सरकार दोषी है जो निजीकरण को बढ़ावा देने के लिए शासकीय महाविद्यालय में गलत रिजल्ट दे रही है। इस अवसर पर ओबीसी महासभा छात्र मोर्चा पदाधिकारी सदस्य सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।










































