आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रैली के रूप में शनिवार की दोपहर में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, जहां उनके द्वारा सांसद ढालसिंह बिसेन सौप। सांसद का घेराव करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को पूरा करने के संबंध में उनके सामने बात रखी, इस दौरान बात बनने के बजाय सांसद ढालसिंह बिसेन के बोल सुनकर उनके खिलाफ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में आक्रोश व्याप्त हो गया।
जिसके चलते आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा अब सांसद ढालसिंह बिसेन का पुतला दहन किये जाने की तक बात कही जा रही है।
आपको बताये की सांसद ढाल सिंह बिसेन द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से बात करते हुए अपने ऊपर कंट्रोल नहीं कर पाए और कह दिया कि कलेक्टर एसपी भी 24 घंटे काम करते हैं लेकिन तनखा 12 घंटे की ही मिलती हैं। यह बड़े अधिकारी भी झक नही मार रहे हैं, आपको भी इनकी तरह काम करना पड़ेगा।
सांसद के यह बोल सुनकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में नाराजगी व्याप्त हो गई और निराश होकर वापस लौट गये।
इस दौरान चर्चा करने पर सांसद ढालसिंह बिसेन ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बहनों ने अपना ज्ञापन दिया है सरकार उनके लिए चिंतित है। पहले उन्हें 500 रुपये मिलते थे, धीरे-धीरे बढ़ते हुये 10 हजार रुपये तक मानदेय दिया जा रहा है।
फिर भी इन्हें अपेक्षाएं हैं निश्चित रूप से सरकार सहानुभूति पूर्वक विचार कर समाधान निकालने का प्रयास करेगी, इन्होंने जो पत्र दिया है उसको मुख्यमंत्री तक पहुंचा दिया जाएगा।
वही इसके संबंध में चर्चा करने पर बुलंद आवाज नारी शक्ति आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संगठन की जिला अध्यक्ष योगिता कावड़े ने बताया कि हमारे द्वारा अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्वक कलेक्टर कार्यालय में जाकर सांसद जी का घेराव किया गया लेकिन उनकी कुछ बातें हमें बहुत बुरी लगी, जैसे कि उन्होंने कहा हम उसका घोर विरोध करते हैं। अगर हम मानसेवी हैं तो हमारा मौलिक अधिकार है हम अपने अधिकारों को मांगे। सांसद जी की कुछ बातों से हम नाराज हैं जो उन्होंने हमें थोड़ा गलत कहा, हमारा आंदोलन जारी रहेगा।










































