किसानों को जैविक व योगिक खेती करने किया गया प्रेरित

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नगर मुख्यालय से लगभग ४ किमी. दूर ग्राम पंचायत बकोड़ा स्थित सांई मंदिर के सभामंच में प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेवा केन्द्र पनबिहरी के द्वारा २३ दिसंबर को राष्ट्रीय किसान दिवस मनाया गया। यह कार्यक्रम प्रजापिता ब्रम्हकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेवा केन्द्र पनबिहरी की ब्र.कु. उज्जवला बहन, ब्र.कु. शारदा बहन, बकोड़ा सरपंच श्रीमती पुष्पा नागेश्वर, टेंगनीखुर्द सरपंच श्रीमती अनिता राणा, भांडामुर्री सरपंच व्यंकट रहांगडाले, मिरेगांव सरपंच श्रीमती काजल कुर्वेती, गणेशपुर सरपंच हेमंत कटरे, ददिया सरपंच श्रीमती रिषी पंक्षी भलावी व पिपरिया सरपंच रूपचंद मानेश्वर की उपस्थिति में प्रारंभ हुआ। इस अवसर पर किसानों को उनके अधिकार व देश में उनका क्या योगदान है साथ ही रासायनिक खेती के नुकसान के बारे में विस्तार से बताया गया एवं जैविक व योगिक खेती करने प्रेरित किया गया। साथ ही यह भी कहा कि किसान को भारत की आत्मा कहा जाता है जिसे अन्नदाता की उपाधि प्राप्त है और किसानों के सम्मान में प्रतिवर्ष २३ दिसंबर को राष्ट्रीय किसान दिवस मनाया जाता है परन्तु इस दिवस को पुरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाना चाहिए क्योंकि आज हम जो वस्तु व अन्न खाकर जीवित है यहां अन्नदाता की कड़ी मेहनत का ही फल है इसलिए किसानों का हर समय सम्मान करना चाहिए।

ब्र.कु. उज्जवला बहन ने कहा कि किसानों के लिए हर दिन सम्मानपूर्वक होने वाला दिन है आज जितनी मेहनत किसान करते है उतनी मेहनत कोई नही करता है आज हम देखे तो दो साल जो कोरोना काल में बिते इस दौरान हर वर्ग के धंधे बंद हुए परन्तु किसान ने खेती करना बंद नही किये और सरकार ने किसानों को पूरी आजादी दी जिनकी मेहनत से फसल पका जिसका सेवन कर हम जीवनयापन कर रहे है परन्तु आज से १५ साल पूर्व एक फसल पकाने के बाद खेती को राहत मिलती थी परन्तु वर्तमान में लोभ के चलते अब तीन-चार फसल ले रहे है और अधिक फसल उत्पादन लेने के लिए रासायनिक खाद का उपयोग किया जा रहा है जिससे धारती माता जल रही है इसलिए हम लोगों को रासायनिक खेती न करते हुए जैविक व योगिक खेती करना चाहिए क्योंकि योगिक खेती पध्दति हमें जीवन जीने की कला सिखाती है जिसके द्वारा अनेकों किसानों ने अपना जीवन परिवर्तन किया है। बकोड़ा सरपंच श्रीमती पुष्पा नागेश्वर ने बताया कि आज राष्ट्रीय किसान दिवस मनाया गया और किसानों को जैविक व योगिक खेती करने प्रेरित किया गया है साथ ही यह भी बताया कि अन्नदाता किसानों का आज सम्मान का दिन है इसलिए सरकार को पूरे देश में जिस तरह से महापुरूषों की जयंती मनाई जाती है उसी तरह से किसानों के सम्मान में राष्ट्रीय किसान दिवस मनाने के निर्देश देना चाहिए क्योंकि किसान हमारे अन्नदाता है और भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी है।

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