पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। वारासिवनी वन विभाग अंतर्गत ग्राम बुदबूदा के धानीटोला स्थित निजी कुएं में गिरने से वन्य प्राणी चितल की मौत हो गई। मामले में वन विभाग के द्वारा चितल के शव का रेस्क्यू परिक्षेत्र कार्यालय में उसे समूल नष्ट करने की कार्यवाही की गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार धानीटोला बुदबुदा जंगल क्षेत्र से लगा हुआ है। जहां पर वन्य प्राणियों का आना जाना लगा रहता है ,५ मार्च को भी वन्य प्राणी चितल ग्राम में भ्रमण करते हुए आ गया था। जिसे आवारा कुत्तों के द्वारा दौड़ा गया जो अपनी जान बचाने के लिए इधर उधर भागते हुए धानीटोला निवासी रामप्रसाद पंचेश्वर के कुएं में जाकर गिर गया। जहां पर पानी बहुत ज्यादा था और वह फडफ़ड़ा रहा था जिसकी आवाज सुन आसपास के लोग दौड़े आए। देखा तो चितल कुएं के अंदर थी जिस पर घटना की जानकारी तत्काल दक्षिण सामान्य वन परिक्षेत्र कार्यालय को दी गई। जिस पर रेंजर छत्रपाल सिंह जादौन के निर्देश पर वन अमला मौके के लिए रवाना हुआ जहां वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों के द्वारा कड़ी मशक्कत की गई। परंतु रेस्क्यू के दौरान वन्य प्राणी चितल को सुरक्षित नहीं कर पाए पूरे रेस्क्यू के दौरान अचानक चितल की मौत हो गई। इस घटना में कुएं में पानी अधिक होना या संवेदनशील वन्य प्राणी चितल होने के कारण उसकी मौत होने की संभावना व्यक्ति की जा रही है। हालांकि वन विभाग के द्वारा मौके से मृत चितल को सुरक्षित दक्षिण सामान्य वन परिक्षेत्र कार्यालय में लाया गया। जहां चितल के शव को अग्नि प्रज्वलित कर समूल नष्ट करने की कार्यवाही की गई। विदित हो कि अब यह घटनाएं तेज होगी क्योंकि गर्मी का मौसम आ गया है। लगातार वन क्षेत्र में जल संकट की स्थिति उत्पन्न होने लगी है जिसमें पानी की तलाश में यह वन्य प्राणी इधर उधर भटककर कई बार ग्राम या नगर में आ जाते हैं। जिसमें प्रमुख कारण पानी होता है । ऐसे में जागरूक नागरिकों के द्वारा वन विभाग से जंगल क्षेत्र में पर्याप्त पानी व्यवस्था बनाने की मांग की गई है।









































