केवल बालाघाट ही नही बल्कि गोंदिया नागपुर तक जुड़े हैं बालाघाट के अवैध सट्टा कारोबार के तार

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बालाघाट जिले में चल रहे अंतराज्जीय सट्टे के अवैध कारोबार में पिछले कुछ दिनों से जारी कार्यवाही पर बयानबाजी करने से, बालाघाट पुलिस अब तक बचती नजर आ रही थी। जहां इस मामले में चुप्पी साधे पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को कोतवाली थाने में एक पत्रकार वार्ता का आयोजन कर इस पूरे मामले में अपनी चुप्पी तोड़ी लेकिन इस मामले में खुलकर बयान देने से वे बचते हुए नजर आए। हालांकि आयोजित इस पत्रकार वार्ता में नगर पुलिस निरीक्षक अंजूल अंयक मिश्रा ने स्वीकार किया कि बालाघाट में अवैध तौर पर चलाए जा रहे सट्टे के कारोबार में कुछ आरोपी खेल-जगत, तो कुछ आरोपी राजनीतिक पार्टियों से जुड़े हुए हैं। लेकिन आरोपी किस किस पार्टी से जुड़े हैं और उन आरोपियों में किन-किन लोगों के नामों का समावेश है। इनका खुलासा पुलिस द्वारा नहीं किया गया है। वहीं सट्टे के अवैध कारोबार में नामचीन आरोपियों और शासकीय कर्मचारियों के नामों का खुलासा करने से भी पुलिस बचती हुई नजर आ रही है।शनिवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में सीएसपी श्री मिश्रा ने बताया कि अब तक सट्टे के अवैध कारोबार में लिप्त मुख्य आरोपी प्रांजल जैन सहित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है, जिनकी निशानदेही पर इस अवैध कारोबार में लिप्त करीब 32 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें नोटिस जारी कर पूछताछ की जा रही है। वहीं लक्की बोपचे, सोनू किरतानी और पवन सहित अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी जल्द ही गिरफ्तारी किए जाने की बात सीएसपी मिश्रा द्वारा कही गई है ।बताया जा रहा है कि सट्टे की इस अवैध कारोबार में लिप्त आरोपियों के तार गोंदिया और नागपुर से जुड़े हैं जहां बालाघाट में सट्टे कारोबार मुख्य आरोपी प्रांजल जैन, तो वही गोंदिया का मुख्य आरोपी अंकित भेदर बताया गया है। एक जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने पहले तो आईपीएल से सट्टे खिलाने की शुरुआत की थी। लेकिन धीरे-धीरे आरोपियों द्वारा लगभग सभी मैचों में सट्टा लगाने का अवैध कारोबार शुरू कर दिया गया। जिसके तार बालाघाट से गोंदिया और गोंदिया से नागपुर तक जुड़े हुए हैं।सट्टे के इस अवैध कारोबार में भले ही पुलिस ने अपनी चुप्पी तोड़ दी हो, लेकिन अब भी ऐसे कई नाम है जिसे उगलने में पुलिस अब भी बचते नजर आ रही है। अब देखना यह दिलचस्प रहेगा कि सट्टे की इस अवैध कारोबार में लिप्त राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों, खेल जगत से जुड़े लोगों, नामचीन व्यापारियों और शासकीय कर्मचारियों के नामों पर पुलिस अपनी छुट्टी कब तोड़ती है। वही देखना यह भी दिलचस्प रहेगा कि पुलिस इन नामचीन लोगों के नाम सार्वजनिक करती है भी या नहीं। बहरहाल पुलिस द्वारा इस मामले में आगे क्या कार्यवाही की जाती है और आगे क्या-क्या खुलासे किए जाते हैं यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

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