गणितज्ञ रामानुजन सप्ताह के अन्तर्गत 02 दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार सम्पन्न

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बालाघाट(पदमेश न्यूज़)
नगर के प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय जटाशंकर त्रिवेदी स्नातकोत्तर महाविद्यालय बालाघाट में गणितज्ञ रामानुजन सप्ताह के अंतर्गत आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का गुरुवार को समापन किया गया। जहां आयोजित इस राष्ट्रीय सेमिनार में देश के विभिन्न राज्यों से आए गणितज्ञों ने विद्यार्थियों को गणित के आसान टिप्स बताएं।तो वहीं उन्होंने भारतीय परंपरा में गणित की महानता को लेकर व्याख्यान दिया। दूसरे दिन आयोजित इस राष्ट्रीय सेमिनार की शुरुवात उपस्थित अतिथियों एवं प्राचार्य महोदय द्वारा दीप प्रज्वलन कर सरस्वती वंदना के माध्यम से की गई। स्वागत गीत एवं पुष्पगुछ, शॉल श्रीफल के माध्यम से अतिथियों का सम्मान किया गया। दूसरे दिवस के प्रथम तकनीकी सत्र में आमंत्रित वक्ता डॉ. आर.आर. सोनवाने से.नि. प्राध्यापक गणित ने भारतीय ज्ञान परम्परा में गणित के अंतर्गत चारों वेदों के साथ-साथ आयुर्वेद, धनुर्वेद के बारे में बताया।उन्होंने बताया कि चाहे कला का कोई भी क्षेत्र हो वास्तुकला या स्थापत्य सभी में गणित का योगदान है। गणित के क्षेत्र में प्रचलित सुल्व सूत्र जो पायथागोरस प्रमेय से भी पहले भारत में प्रचलित था। वैदिक काल में बड़ी से बड़ी संख्याओं की गणना की गयी। उन्होंने वरामिहिर, आर्यभट्ट, ब्रहमगुप्त, भास्कराचार्य आदि गणितज्ञ के द्वारा लिखे ग्रंथों एवं इनके गणित के क्षेत्र में दिये योगदान से भारतीय ज्ञान परम्परा के वृहद भण्डार पर प्रकाश डाला।

विभिन्न वक्ताओं ने भी रखे विचार
वही नोट स्पीकर डॉ. डी.पी. शुक्ला सर विभागाध्यक्ष गणित प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस रीवा ने सर्वप्रथम गणित के क्षेत्र में रामानुजन के विशेष योगदान के बारे में बताया। फिप्थ पाईट थैवरी के अंतर्गत मेपिंग- सेल्फ मेपिंग, कॉमन फिप्थ पाईंट थैवरी के माध्यम से रामानुजन के बारे में विस्तारपूर्वक बताया। कार्यक्रम की अगली कड़ी में आमंत्रित वक्ता के रूप में डॉ. राकेश तिवारी प्राध्यापक गणित शासकीय वी.वाय.टी. पी.जी. आटोनोमस कॉलेज दुर्ग ने रामानुजन के जीवन पर संक्षेप में प्रकाश डालते हुये बताया कि इन्होंने हाईली कम्पोजिट नम्बर पर शोध कार्य किया। आपने रामानुजन के विभिन्न एप्लीकेशन– पार्टिकल फिजिक्स, कम्प्यूटर साइंस, स्पेस साइंस, क्रिप्टोग्राफी, मेडीकल साइंस में मॉक थिटा फंक्शन के माध्यम से कैंसर थेरेपी सिंगनल प्रोसेसिंग, हार्ड हेक्जागान मॉडल आदि का वर्तमान समय में
विभिन्न प्रोद्योगिकी क्षेत्र में इनके उपयोग एवं सार्थकता के बारे में बताया। नोट स्पीकर डॉ. ओमकार लाल श्रीवास्तव प्राध्यापक गणित
शासकीय कमलादेवी राठी महिला पी.जी. कॉलेज राजनांदगांव ने गणितज्ञ महावीराचार्य गणित सार संग्रह जिसमें दैनिक जीवन में गणित के महत्व
पर प्रकाश डाला। आपने सुल्व सूत्र के संबंध मे चर्चा की साथ ही भारत के विभिन्न गणितज्ञ आर्यभट्ट, ब्रम्हगुप्त, वरामिहिर के योगदान पर प्रकाश डाला ।

पुरस्कार वितरण के साथ किया गया समापन
वही आमंत्रित वक्ता के रूप में डॉ. प्रवीण श्रीवास्तव प्राध्यापक गणित ने श्रीनिवास रामानुजन के कार्यों में ग्रांडी सिरिज से संबंधित विडियों प्रस्तुत किया तथा विद्यार्थियों के साथ प्रश्नोत्तर के माध्यम से संवाद स्थापित किया तथा पूछे गये प्रश्नों के उत्तर देने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया
गया। दूसरे दिवस के भोजनोपरांत तृतीय तकनीकि सत्र में डॉ. एन.एम. कुरैशी के द्वारा भारतीय ज्ञान परम्परा में गणित की महत्ता पर प्रकाश डाला गया। तत्पश्चात् महाविद्यालय के प्राध्यापकों एवं गणित विभाग के विद्यार्थियों द्वारा पेपर प्रजेंटेशन किया गया। कार्यक्रम के अंत में रामानुजन सप्ताह के अंतर्गत गणित विभाग द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों को अतिथियों एवं प्राचार्य महोदय के करकमलों से मोमेंटो देकर
पुरस्कृत किया गया । गणित विभाग के द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार जो कि एम.पी. काउंसिल ऑफ साइंस एण्ड टेक्नोलॉजी (एम.पी.सी.एस.टी.) के द्वारा प्रायोजित था को सफल बनाने में महाविद्यालय के समस्तप्राध्यापकों, सह–प्राध्यापकों, सहायक प्राध्यापकों, अतिथि विद्वान, कर्मचारियों तथा गणित विभाग के समस्त विद्यार्थियों का विशेष योगदान रहा।

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